संवाददाता/किशनगंज
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार,नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार,पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। उक्त लोक अदालत में सुशांत कुमार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पीठ के सदस्यों एवं अन्य पदाधिकारियों से अपील किया की पक्षकारों को ध्यान में रखते हुए मामलों का निपटारा उदारता पूर्वक एवं नियमानुसार करें।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार ओम शंकर ने पक्षकारों से विशेष अनुरोध किया कि वे अपने-अपने वादों का निष्पादन शांति पूर्वक करें।राष्ट्रीय लोक अदालत के पीठ के न्यायिक सदस्य नीरज किशोर सिंह, पीठासीन पदाधिकारी, विशेष न्यायाधीश, उत्पाद न्यायालय प्रथम,किशनगंज दीपचन्द पाण्डेय, विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम, किशनगंज, मुक्तेश मनोहर ,मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, शारदा, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम ,सुरभित सहाय , न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, तृषा रॉय, सिविल जज जूनियर डिवीज़न,कृति , न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मोहम्मद शारिक हैदर , न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सम्मिलित थे।
इन आठ पीठों में गैर न्यायिक सदस्य के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार किशनगंज के पैनल अधिवक्ता शामिल थे।राष्ट्रीय लोक अदालत में व्यवहार न्यायालय के कुल 143 मामलें जिसमें अपराधिक शमनीय 99 प्ली बर्गेनिग 1 मामलें,चेक बाउंस से 1 मामले निपटाए गए।बाल मजदूरी के 1 मामला में जुर्माना राशि बीस हजार रुपए,विधुत विभाग के 40 मामले एवं वैवाहिक विवाद से 1 मामला शामिल था ।
बैंक ऋण के कुल 316 मामले में कुल 1 करोड़ 43 लाख 69 हजार 832 रुपए का समझौता किया गया।ट्रैफिक चालान से 89 मामले सामने आए।उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में काफी भीड़ देखी गई। पक्षकारों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो इसके लिए जगह-जगह सहायता केंद्र पर साथ ही प्रत्येक पीठ में एक–एक अधिकार मित्र की प्रतिनियुक्ति की गई थी।























