बरारी /कटिहार – प्रखंड की रौनिया पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नाम जोड़ने और जियो टैग करने के नाम पर अवैध वसूली का मामला प्रकाश में आया है। पंचायत की लाभुक सीमादेवी, उषादेवी, सकीना खातून, गीता देवी समेत दर्जनों ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है।लाभुकों द्वारा बिहार मनरेगा एवं भवन निर्माण मजदूर संघ को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम दर्ज कराने और जियो टैग करने के लिए प्रति लाभुक 1000 से 1500 रुपये तक वसूले गए।
ग्रामीणों का कहना है कि उनसे कहा गया कि बिना पैसे दिए आवास सूची में नाम नहीं जोड़ा जाएगा। शिकायतकर्ताओं ने रौनिया पंचायत के रोजगार सेवक अशोक कुमार ठाकुर पर बिचौलियों के माध्यम से अवैध वसूली कराने का आरोप लगाया है।
लाभुकों का कहना है कि योजना में किसी प्रकार की राशि लेने का कोई सरकारी प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद गरीब परिवारों से पैसे लिए गए। इस मामले को लेकर बिहार मनरेगा एवं भवन निर्माण मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन कुमार यादव ने डीएम, डीडीसी और बीडीओ को आवेदन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के साथ अन्याय किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।आवेदन पर सीमादेवी, उषादेवी, सकीना खातून, मुन्नी देवी, गुंजन देवी, कौशिला देवी, मालती देवी, रीता देवी, प्रियंका कुमारी, किरण देवी और ललिता देवी सहित कई लाभुकों के हस्ताक्षर हैं। बीडीओ ने इस संबंध में बताया कि पीआरएस के खिलाफ आवेदन प्राप्त हुआ हैं,जांच कर उचित कारवाही की जाएगी।


























