संवाददाता: विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने देखते ही देखते पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी। जहां एक ओर सैकड़ों कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं हजारों एकड़ में लगी मक्के सहित अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं।

इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों और आम लोगों की कमर तोड़ दी है। प्रखंड के विभिन्न गांवों में तेज हवा के झोंकों ने कच्चे घरों को बुरी तरह प्रभावित किया। सुहिया गांव में हलेश्वर ऋषिदेव और विनोद ऋषिदेव का कच्चा मकान पूरी तरह धराशायी हो गया, जिससे उनके परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
इसके अलावा कई अन्य घरों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है, जिससे लोगों के सामने रहने और जीवन- यापन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। आंधी और बारिश का असर हाट-बाजारों में भी साफ देखने को मिला। कई दुकानों की टिन की छतें उड़ गईं, जिससे दुकानों में रखा सामान बारिश में भीगकर खराब हो गया।

इससे दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और उनकी रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है।सबसे अधिक नुकसान किसानों को हुआ है। स्थानीय किसानों ने कर्ज लेकर मक्के की खेती की थी और अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाई थी, लेकिन प्रकृति के इस कहर ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। कुछ ही मिनटों में तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
अब किसानों के सामने कर्ज चुकाने और परिवार का भरण-पोषण करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। उनके सपने और उम्मीदें इस आंधी में चकनाचूर हो गई हैं।
स्थानीय ग्रामीणों वीरेंद्र यादव, आनंद कुमार ठाकुर, बालेश्वर यादव, अनिरुद्ध प्रसाद शाह और शिवानंद मंडल, माया नंद सिंह, हरिप्रसाद मंडल, पंचानंद ऋषिदेव, मयानंद मंडल ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों और परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें। जिले के सातों प्रखंडों में तेज आंधी की वजह से भारी नुकसान हुआ है और लोग प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।


























