भारत-नेपाल सीमा पर संयुक्त सतर्कता बढ़ाने पर जोर, एसएसबी, एपीएफ नेपाल व नेपाल पुलिस की समन्वय बैठक संपन्न

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टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 12वीं वाहिनी, “ई” समवाय माफीटोला में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक एवं जॉइंट पेट्रोलिंग का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता समवाय प्रभारी बलदेव सिंह (सहायक कमांडेंट) ने की।

इस दौरान एसएसबी, एपीएफ नेपाल और नेपाल पुलिस के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा, तस्करी रोकथाम और आपसी समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में एसएसबी की ओर से समवाय प्रभारी बलदेव सिंह सहित सात जवान, एपीएफ नेपाल से उप निरीक्षक रमेश थापा के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम तथा नेपाल पुलिस से उप निरीक्षक भीम बहादुर श्रेष्ठा उपस्थित रहे। तीनों सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने सीमा पर शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए साझा रणनीति पर विचार-विमर्श किया।

चर्चा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, सीमा स्तंभों की रक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए लगातार सतर्कता और सक्रियता बनाए रखना आवश्यक है।बैठक में तस्करी के विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।

मादक पदार्थों की तस्करी, नकली भारतीय मुद्रा, अवैध शराब, हथियारों की आवाजाही तथा मानव तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों को और मजबूत करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित और सटीक आदान-प्रदान बेहद जरूरी है।इसके अलावा, सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को सख्ती से रोकने का निर्णय लिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में भूमि अतिक्रमण न केवल सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह स्थानीय शांति व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए इस दिशा में नियमित निगरानी और संयुक्त कार्रवाई पर बल दिया गया। बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि या ऑपरेशन के दौरान दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां आपसी सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करेंगी। इससे न केवल त्वरित कार्रवाई संभव होगी, बल्कि किसी भी अप्रिय स्थिति से भी प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।

अंत में समवाय प्रभारी बलदेव सिंह ने कहा कि इस तरह की संयुक्त बैठकें और जॉइंट पेट्रोलिंग सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने और नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस संयुक्त पहल से भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था कायम रखने में मदद मिलेगी।

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