राहुल/ किशनगंज
शहर के तेरापंथ भवन में शनिवार को तेरापंथ महिला मंडल द्वारा ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के उपलक्ष्य में ‘गृह लक्ष्मी स्वाभिमान अभियान का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी व सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज में स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत में तेरापंथ महिला मंडल की पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों के भव्य स्वागत के साथ हुई। उपस्थित सभी मुख्य अतिथियों को तिलक लगाकर और अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष सोनिया श्रीमाल, उपाध्यक्ष लता वेद, विमल दफ्तरी, और मंत्री कुसुम वेद सहित तेरापंथ महिला मंडल की अन्य सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में पहुंचीं महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा की महिला अब अबला नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षक खुद है। समाज में ‘गृह लक्ष्मी’ का सम्मान तभी सार्थक होगा जब महिलाएं कानून और अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगी। किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाना ही स्वाभिमान की पहली सीढ़ी है।
राहत संस्था की सचिव डॉ. फरजाना बेगम ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और मानसिक रूप से स्वतंत्र होना अनिवार्य है। वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक रोशनी परवीन और वेलफेयर सोसाइटी की डोली दास ने भी महिलाओं को सरकारी योजनाओं और सुरक्षा तंत्र की जानकारी देते हुए प्रेरित किया। कार्यक्रम में तेरापंथ महिला मंडल की सक्रिय सदस्यों ने हिस्सा लिया और एक-दूसरे को सशक्त बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि परिवार की धुरी कही जाने वाली महिला जब स्वाभिमानी होगी, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।




























