किशनगंज/विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सोमवार को टेक होम राशन (टीएचआर) का वितरण सुव्यवस्थित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न हुआ। राज्य सरकार एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस वितरण कार्यक्रम में 06 माह से 03 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों के लिए विशेष पोषण मेनू के तहत खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।
वितरण कार्य एफआरएस (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) के माध्यम से किया गया, जिससे लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित हो सके और किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। प्रत्येक लाभार्थी को 25 दिनों के लिए कुल 3.4375 किलोग्राम पोषाहार सामग्री प्रदान की गई। इस दौरान केंद्रों पर लाभार्थियों की उपस्थिति दर्ज कराई गई तथा अभिभावकों को सामग्री की प्राप्ति रसीद भी उपलब्ध कराई गई।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) निशा कुमारी ने स्वयं वितरण कार्यक्रम की निगरानी की। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि क्षेत्र का कोई भी पात्र बच्चा पोषण से वंचित न रहे। निर्धारित मेनू के अनुसार प्रति लाभार्थी 1.875 किलोग्राम चावल, 750 ग्राम मूंग दाल, 500 ग्राम सोयाबीन, 250 ग्राम सोयाबीन तेल, 50 ग्राम नमक तथा 12.50 ग्राम मसाला मिक्स दिया गया। यह संतुलित आहार बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर करने तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
वितरण के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने अभिभावकों को पोषाहार के सही उपयोग, स्वच्छता और बच्चों के नियमित आहार संबंधी आवश्यक जानकारी दी। माताओं को सलाह दी गई कि वे निर्धारित मात्रा में बच्चों को नियमित रूप से भोजन कराएं तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।सीडीपीओ ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए विभाग सतत प्रयास कर रहा है।
समय-समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वितरण प्रक्रिया की समीक्षा की जाती है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
टीएचआर वितरण कार्यक्रम को लेकर लाभार्थियों में संतोष देखा गया। स्थानीय अभिभावकों ने बताया कि इस योजना से बच्चों के पोषण स्तर में सकारात्मक सुधार हो रहा है तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी राहत मिल रही है। प्रखंड प्रशासन ने सभी संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया है कि वितरण कार्य पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ जारी रखें, ताकि क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे का समुचित पोषण सुनिश्चित हो सके।
























