संवाददाता: विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या 15 स्थित बिहार टोला चैनपुर में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय विभागीय उदासीनता का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो गया है। जिस उद्देश्य से इस शौचालय का निर्माण कराया गया था, वह आज अधूरा नजर आ रहा है। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो चुका है और परिसर में चारों ओर जंगल-झाड़ व गंदगी पसरी हुई है। परिणामस्वरूप शौचालय पूरी तरह अनुपयोगी हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसकी नियमित साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था और रखरखाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शुरुआती दौर में कुछ दिनों तक इसका उपयोग हुआ, लेकिन धीरे-धीरे उपेक्षा के कारण यह बंद हो गया। वर्तमान स्थिति यह है कि दरवाजे-खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
स्थानीय ग्रामीण किशन लाल मांझी, जनार्दन यादव, शिव नारायण मंडल, विजय मलिक, सदानंद हरिजन, अशोक यादव, किरण मांझी एवं योगेंद्र मंडल सहित कई लोगों ने बताया कि शौचालय के बंद रहने से गांव के लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
इससे न केवल स्वच्छ भारत मिशन की मंशा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है, बल्कि जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वही इस संबंध में अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।


























