विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ
टेढ़ागाछ प्रखंड में किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल और बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की एग्री स्टेक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार एवं अंचलाधिकारी शशि कुमार ने प्रखंड क्षेत्र में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री कार्यस्थलों का निरीक्षण किया और मौके पर उपस्थित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निबंधन प्रक्रिया, ई-केवाईसी की प्रगति, दस्तावेज सत्यापन एवं तकनीकी व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने कर्मियों को निर्देश दिया कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए और सभी पात्र किसानों का निबंधन तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
एग्री स्टेक परियोजना के तहत किसानों का एक बार निबंधन और ई-केवाईसी पूरा हो जाने के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। निबंधन के उपरांत प्रत्येक किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी, जो भविष्य में सभी कृषि योजनाओं से जुड़ने का आधार बनेगी। यह आईडी किसानों के लिए एक डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगी।
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि “टेढ़ागाछ प्रखंड में कुल 15,460 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। इनमें से अब तक लगभग 1,900 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है और उनकी ई-केवाईसी भी पूरी कर ली गई है। सर्वर से जुड़ी कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण कार्य में थोड़ी बाधा आ रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा इसे जल्द से जल्द पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।”
वहीं अंचलाधिकारी शशि कुमार ने स्पष्ट किया कि “फार्मर आईडी केवल उन्हीं किसानों की बनाई जाएगी, जिनके नाम पर भूमि उपलब्ध है। इसी उद्देश्य से हल्का कर्मचारी और किसान सलाहकार पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किसानों का निबंधन कर रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, जमीन की अद्यतन रसीद एवं मोबाइल नंबर को अनिवार्य दस्तावेज के रूप में निर्धारित किया गया है।
पंचायत स्तर पर शिविर लगने से किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में किसान निबंधन के लिए पहुंच रहे हैं।अधिकारियों ने बताया कि एक बार फार्मर आईडी बन जाने के बाद किसानों को केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल सहायता योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं के लिए अलग-अलग आवेदन नहीं करना पड़ेगा। इससे न केवल किसानों का समय बचेगा, बल्कि योजनाओं का लाभ भी समय पर और पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों तक पहुंच सकेगा। प्रखंड प्रशासन ने सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित पंचायत शिविरों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर अपना फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी अवश्य पूरा कराएं, ताकि वे भविष्य में किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहें।



























