किशनगंज /विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ से बहादुरगंज को जोड़ने वाली मुख्य सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। इस सड़क निर्माण के लिए कई किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, लेकिन अब तक प्रभावित किसानों को मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। स्थिति यह है कि जिन मौजों में वर्तमान में निर्माण कार्य प्रगति पर है, वहां के किसानों को भी न तो मुआवजा मिला है और न ही आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी हो पाई है।
नियमानुसार मुआवजे के भुगतान से पूर्व प्रत्येक मौजे में शिविर लगाकर किसानों का एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) बनाना आवश्यक है, ताकि भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सके। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब तक बड़ी संख्या में किसानों का एलपीसी नहीं बना है, जिसके कारण मुआवजे का भुगतान भी लंबित है। इससे किसानों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
इस गंभीर समस्या की जानकारी सांसद प्रतिनिधि हसनैन राजा ने जिला पदाधिकारी को दूरभाष के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि बिना मुआवजा दिए किसानों की जमीन पर निर्माण कार्य कराना न्यायसंगत नहीं है और इससे सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस पर जिला पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक मौजे में शीघ्र ही शिविर लगाकर किसानों का एलपीसी बनाया जाएगा और सभी पात्र किसानों को मुआवजे की राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया जल्द प्रारंभ कर दी जाएगी। सांसद प्रतिनिधि ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक किसानों को उनका उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक संवेदक द्वारा किसानों पर किसी प्रकार का दबाव या जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए। किसानों ने भी प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य के साथ-साथ उनके अधिकारों की भी रक्षा की जाए और मुआवजे का भुगतान शीघ्र किया जाए, ताकि वे बिना किसी चिंता के विकास कार्यों में सहयोग कर सकें।



























