विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ (किशनगंज)
टेढ़ागाछ प्रखंड के चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-1 और कुंवाड़ी गांव के बीच सड़क एवं पुल के अभाव में स्कूली छात्र-छात्राओं तथा ग्रामीणों का जीवन कठिन हो गया है। बरसात के मौसम में जलभराव होने से यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुंवाड़ी जाने वाले बच्चों को प्रतिदिन कमरभर पानी पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ता है।
ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में लगातार चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान इस मार्ग पर आवागमन अत्यंत जोखिम भरा हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को किताब और बैग सिर पर रखकर पानी पार करना पड़ता है। कई बार तेज बहाव और फिसलन के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि अनेक छात्र-छात्राएं स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आजादी के दशकों बाद भी यह क्षेत्र सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों ने कई बार पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक, जिला परिषद सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों से सड़क एवं पुल निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। जनप्रतिनिधियों के आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
सरपंच कैलाश पोशाक ने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच इस क्षेत्र की बदहाल स्थिति सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। उन्होंने जिला पदाधिकारी से अविलंब स्थल का निरीक्षण कर सड़क एवं पुल निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो बरसात के पूरे मौसम में बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित रहेगा। लोगों ने प्रशासन से मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की है।






















