विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ
किशनगंज जिले की टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-5 स्थित कास्त खर्रा गांव में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव के कई घरों, आंगनों और खेतों में पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
जलभराव के कारण जहां लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूबने से किसानों के सामने भारी आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीणों के अनुसार बारिश का पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गांव और कृषि भूमि में जमा हो गया है।
कई दिनों से जलभराव बने रहने के कारण खेतों में लगी धान की फसल सड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं कराई गई तो इस वर्ष की पूरी फसल बर्बाद हो सकती है, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा।जलभराव का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। घरों के आसपास लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने छोटे बच्चों के पानी में गिरने और दुर्घटनाओं की संभावना को लेकर भी चिंता जताई है। कई स्थानों पर आवागमन भी बाधित हो गया है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीण विजय कुमार मंडल, रूपेश कुमार झा, सईदुल रहमान, अब्दुल रहमान, केसर आलम, अफसर आलम, दिनेश कुमार मंडल, पूरण कुमार मंडल, फागुलाल मंडल, बालेश्वर मंडल, जुगल लाल मंडल, संतलाल मंडल, सैनिक लाल मंडल, बनारसी शाह और सैफुद्दीन सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा और गांव में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।






















