संवाददाता:मनौवर आलम
एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने जिले के बिशनपुर में हुए चर्चित रिजवान हत्याकांड को लेकर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल के तहत मुकदमा चलाकर फांसी की सजा दी जानी चाहिए उन्होंने कहा कि हत्याकांड की मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी डेजी परवीन और उसके कथित प्रेमी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले में यदि अन्य लोग भी किसी प्रकार से संलिप्त हैं तो उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उन्हें भी बेनकाब किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दलाल किस्म के लोग मामले को सीमित कर अन्य संभावित दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि परिवार और बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उनका कहना था कि मोबाइल का सही उपयोग लाभदायक है, लेकिन इसका दुरुपयोग गंभीर अपराधों का कारण भी बन सकता है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों और परिवार के सदस्यों के मोबाइल उपयोग पर निगरानी रखनी चाहिए। तथा अपने परिवार के साथ ही रहना चाहिए। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अख्तरुल इमान ने देश में बढ़ रही एनकाउंटर की घटनाओं पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने का अधिकार अदालत का है और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। पुलिस द्वारा मुठभेड़ की बढ़ती घटनाओं पर उन्होंने सवाल उठाते हुए निष्पक्ष न्यायिक व्यवस्था की आवश्यकता बताई। अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि यह रामभक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है यह राम भक्तों का इम्तिहान है जो लोग राम के नाम पर राम जी को ही लूट रहे हैं ऐसे लोग राम है या रावण जनता देख रही है।






















