सदर अस्पताल की सुरक्षा एजेंसी पर 1.82 करोड़ रुपये धोखाधड़ी का आरोप,अस्पताल उपाधीक्षक के लिखित शिकायत पर केस दर्ज

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किशनगंज/सागर चंद्रा


सदर अस्पताल की सुरक्षा में तैनात मेसर्स सामंता सिक्युरिटी एंड इंटेलिजेंस प्राइवेट लिमिटेड, पटना के द्वारा 1.82 करोड़ रुपये धोखाधड़ी करने मामले में टाउन थाना में केस दर्ज किया गया है। अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर अनवर हुसैन की लिखित शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


बताते चलें कि सदर अस्पताल में सुरक्षा मुहैया कराने के लिए निविदा प्रक्रिया के तहत जिला स्वास्थ्य समिति किशनगंज के द्वारा मेसर्स सामंता सिक्युरिटी एंड इंटेलिजेंस प्राइवेट लिमिटेड पटना को सुरक्षा से संबंधित एजेंसी चयनित किया गया था। एजेंसी द्वारा माह जनवरी 2023 से अब तक सदर अस्पताल, किशनगंज में सुरक्षा मुहैया कराया जा रहा है। एकरारनामा के अनुसार एजेंसी को सेवानिवृत फौजी एवं सिविल सुरक्षा गार्ड मुहैया कराया जाना था।

एकरार नामा के अनुसार सेवा निवृत फौजी सुपरवाईजर का मानदेय भुगतान के लिए 1414.32 रूपये प्रतिदिन और सेवा निवृत् फौजी गार्ड का मानदेय भुगतान हेतु के लिए 1063.40 रूपये प्रतिदिन एवं सिविल सुरक्षा गार्ड का मानदेय भुगतान के लिए 561.47 रूपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया था । साथ ही एकरार नामा के अनुसार समय-समय पर निर्धारित दर में बढ़ोतरी भी की जानी थी।


लेकिन सुरक्षा कर्मी की संख्या कम तथा सेवानिवृत फौजी की संख्या अधिक दिखाकर फर्जी तरिके से एजेंसी द्वारा संस्थान को विपत्र प्रस्तुत कर अधिक राशि का भुगतान लेने का मामला हाल के दिनों में उजागर हुआ था। डीएम विशाल राज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एक टीम का गठन किया। जांच दल में उप विकास आयुक्त किशनगंज और जिला कार्यकम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति, किशनगंज को शामिल किया गया था।

जांच के दौरान मामला सत्य पाये जाने पर डीएम ने गत 9 मार्च को सिविल सर्जन को जांच प्रतिवेदन के आलोक में एजेंसी को अधिक भुगतान की गई राशि को चालान के माध्यम से दो दिनों के भीतर सरकारी खाते में जमा कराने का निर्देश दिया था।

जबकि सिविल सर्जन ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन कर एजेंसी द्वारा लिये गये अधिक राशि का प्राक्कलन कर प्रतिवेदित करने का आदेश दिया गया। प्रतिवेदन में कुल 1,82,36,222 रुपये अधिक भुगतान का अंतर पाया गया। इस संदर्भ में सिविल सर्जन ने गत 2 मई को एजेंसी के विरूद्ध फर्जी विपत्र समर्पित कर विभाग को दिगभ्रमित करने एवं अधिक राशि भुगतान लेने के लिए केस दर्ज करने का निर्देश दे दिया।


सिविल सर्जन के निर्देश के आलोक में अस्पताल उपाधीक्षक के द्वारा मेसर्स सामंता सिक्युरिटी एंड इंटेलिजेंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक संजय कुमार चौधरी सहित अन्य के विरुद्ध टाउन थाना में केस दर्ज कराया गया।


वहीं इस संबंध में पूछे जाने पर आरोपी संजय कुमार चौधरी ने बताया कि वे कंपनी में कर्मी की हैसियत से काम कर करते हैं। कंपनी के मालिक उदय आदित्य ही इस संबंध में कुछ कह सकते हैं।

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