संवाददाता:राहुल कुमार
किशनगंज जिले में आज वट सावित्री पूजा पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और अटूट विश्वास के साथ मनाया गया। अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना को लेकर सुबह से ही सुहागिन महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया।
नववधुओं से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक, सभी नए वस्त्रों और सोलह श्रृंगार में सज-धज कर नजदीकी मंदिरों और बरगद वृक्ष के नीचे एकत्रित हुईं। महिलाओं ने वट वृक्ष को जल अर्पित कर रोली, अक्षत, फल, फूल और भीगे हुए चने चढ़ाए। इस दौरान पूजा स्थलों पर पारंपरिक गीतों और मंत्रोच्चार से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर 108 बार सूत लपेटकर (परिक्रमा कर) अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धियुक्त जीवन की प्रार्थना की। पूजा के बाद महिलाओं ने सत्यवान और सावित्री की कथा सुनी, जिसमें सावित्री द्वारा यमराज से अपने पति के प्राण वापस लाने के संघर्ष और निष्ठा को याद किया गया।श्रद्धालु महिलाओं ने बताया कि यह व्रत पति-पत्नी के अटूट रिश्ते का प्रतीक है।
हम हर साल पूरी निष्ठा के साथ यह व्रत रखती हैं ताकि हमारे परिवार पर सुख-शांति बनी रहे और पति को लंबी आयु मिले।त्योहार को लेकर शहर के बाजारों में भी जबरदस्त चहल पहल देखी गई । पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने अपने घर के बुजुर्गो का आशीर्वाद लिया और आपस में प्रसाद का वितरण किया।



























