किशनगंज /प्रतिनिधि
कोचाधामन के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने मौलाना तौसीफ़ रेजा की संदिग्ध मौत के मामले को गंभीरता से उठाते हुए रेल मंत्री अश्विनी को पत्र भेजा है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा और मृतक की पत्नी को रेलवे में नौकरी देने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि 26 अप्रैल 2026 को मौलाना तौसीफ़ रेजा 04314 योग नगरी ऋषिकेश–मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे थे। उसी रात करीब 9:45 बजे उन्होंने अपनी पत्नी तबस्सुम को फोन कर ट्रेन में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट किए जाने की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई। इसके बाद जब पत्नी ने वीडियो कॉल किया तो देखा कि कुछ लोग उनका कॉलर पकड़कर उनके साथ मारपीट कर रहे हैं।
अगली सुबह यानी 27 अप्रैल 2026 को बरेली कैंट के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मौलाना का शव बरामद हुआ। शुरुआती तौर पर बरेली पुलिस ने इसे रेल दुर्घटना मानते हुए पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया था। हालांकि, बाद में सामने आए मारपीट के आरोपों ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
परिजनों का आरोप है कि ट्रेन में ही असामाजिक तत्वों ने मौलाना की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। पहले इस मामले में बरेली सिविल थाना में यूडी केस दर्ज किया गया था, लेकिन अब मारपीट की बात सामने आने के बाद जीआरपी थाना बरेली में हत्या का मामला दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने इस घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।




























