मनिहारी /कटिहार – प्रखंड सभागार में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जन-जागरूकता अभियान के तहत शनिवार 2 मई को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में मुखिया, सरपंच, न्याय मित्र, ग्राम कचहरी सचिव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को लोक अदालत की प्रक्रिया एवं उसके महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटिहार कमलेश सिंह देऊ, चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल कटिहार विजय श्रीवास्तव, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल कटिहार देव कुमार झा, प्रधान सहायक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आशिष कुमार झा, जिला प्रशिक्षक मित्तल कुमार, बीडीओ सनत कुमार, बीपीआरओ सोनू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता एवं न्याय मित्र उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान अविलंब न्याय उपलब्ध कराने तथा समझौता योग्य वादों के त्वरित निष्पादन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
बताया गया कि आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में वन विभाग, माप-तौल, बिजली, बैंक एवं नीलाम पत्र से जुड़े सुलह योग्य मामलों का निष्पादन किया जाएगा। इसके लिए आमजन एवं जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की गई।कमलेश सिंह देऊ ने कहा कि वर्ष में चार बार लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि आपराधिक मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया लंबी होती है, जिसमें एक पक्ष की जीत और दूसरे पक्ष की हार होती है।
जिससे असंतोष की स्थिति बनती है और मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच जाता है। जबकि लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान किया जाता है, जिससे समय और धन की बचत होती है। उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत की सभी प्रक्रियाएं निःशुल्क होती हैं और इसमें भाग लेने के लिए सादे कागज पर आवेदन के साथ पहचान पत्र प्रस्तुत करना होता है।
लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसे एक सुनहरा अवसर बताते हुए उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की।कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि लोक अदालत से संबंधित अधिक जानकारी टोल फ्री नंबर 15100 पर प्राप्त की जा सकती है।




























