कटिहार – जिले के संयुक्त कृषि भवन सभागार में बुधवार को जूट जागरूकता एवं जूट फसल चक्र विषय पर एक दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला कृषि विभाग सह आत्मा के संयोजकत्व में की जा रही है।
जिसमें एटीएम के अधिकारी, संयुक्त निदेशक जूट पूर्णियां ,जेसाआई और जिला कृषि पदाधिकारी जिले में जूट आधारित फसल प्रणाली के लिए जूट उत्पादन प्रौद्योगिकी के संवर्धन और विस्तार पर प्रशिक्षण देगें।
इस आशय का निर्णय पटना मे 1-2 अप्रैल को भारत सरकार के वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुई परिचर्चा के उपरांत ली गयी है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के बैरकपुर स्थित केंद्रीय जूट एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान से आए वैज्ञानिकों भाग ले रहे हैं। किसानों को जूट की उन्नत खेती, बेहतर बीज चयन, फसल चक्र अपनाने के लाभ, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपाय तथा उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी देगें।
सही फसल चक्र अपनाने से न केवल भूमि की गुणवत्ता सुधार होगा अपितु बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी । कार्यक्रम के दौरान जूट फसल में कीट एवं रोग प्रबंधन,समय पर बुआई और कटाई के महत्व पर भी विशेष जोर दिये जाने की उम्मीद है ।
कटिहार जिला बिहार का प्रमुख जूट उत्पादक क्षेत्र रहा है और इस तरह के प्रशिक्षण से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिलकर जूट उत्पादन को और बढ़ावा मिलेगा।इस आशय की जानकारी जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने दी है।





























