उर्वरक के संतुलित उपयोग पर जागरूकता अभियान, किसानों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

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किशनगंज/विजय कुमार साह

किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड कृषि कार्यालय परिसर में मंगलवार को उर्वरक के संतुलित उपयोग को लेकर एक जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और उर्वरकों के सही व संतुलित प्रयोग के प्रति जागरूक करना था, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी बरकरार रखी जा सके।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, किशनगंज से आए एसएमएस डॉ. कन्हैया कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी मो. आदिल अनवर, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने किसानों को उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया और संतुलित मात्रा में उर्वरक के प्रयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।


डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि किसान मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरक डालने से मिट्टी की संरचना प्रभावित होती है, जिससे उत्पादन पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। इस दौरान किसानों को “मृदा स्वास्थ्य कार्ड” योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस कार्ड के माध्यम से किसानों को अपनी भूमि की गुणवत्ता, पोषक तत्वों की स्थिति और आवश्यक उर्वरकों की सही मात्रा की जानकारी मिलती है, जिससे वे बेहतर खेती कर सकते हैं। प्रखंड कृषि पदाधिकारी मो. आदिल अनवर ने किसानों से अपील की कि वे संतुलित उर्वरक उपयोग को अपनाएं और जैविक खेती की ओर भी ध्यान दें।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।कार्यक्रम के अंत में किसानों ने अपने सवाल रखे, जिनका विशेषज्ञों ने संतोषजनक जवाब दिया। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से किसानों में नई तकनीकों के प्रति रुचि बढ़ रही है और वे आधुनिक खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं।

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