जिला पदाधिकारी विशाल राज एवं पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में सभी बैंकर्स के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बढ़ते साइबर क्राइम की घटनाओं एवं उससे संबंधित सुरक्षा उपायों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी बैंक के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि ग्राहकों के खातों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु बैंक स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ की जाए तथा संदिग्ध लेन-देन पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधीक्षक द्वारा साइबर फ्रॉड में संलिप्त अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई तथा इस संबंध में बैंकर्स के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
उन्होंने सभी बैंकर्स को निर्देशित किया कि प्रत्येक बैंक शाखा में साइबर थाना का संपर्क नंबर 9031827856 सहित आपातकालीन नंबर, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), थाना प्रभारी (SHO) एवं नजदीकी थाना का संपर्क नंबर कम-से-कम दो प्रमुख स्थानों तथा बैंक परिसर के बाहर भी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 को सर्वप्रथम एवं प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक द्वारा यह भी निर्देश दिया गया कि सभी बैंकर्स प्रत्येक माह कम-से-कम दो बार साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा सके।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अपने साथ घटित साइबर फ्रॉड के दो प्रयासों का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि सतर्कता एवं समय पर उचित कार्रवाई से किस प्रकार ऐसे प्रयासों को विफल किया जा सकता है। यह उदाहरण बैंकर्स के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया गया।
इसके अतिरिक्त, सभी बैंक शाखाओं के सुरक्षा गार्डों को समय-समय पर साइबर एवं समग्र सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) प्रदान करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि बैंक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ की जा सके।
अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी बैंकर्स को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए साइबर अपराध की रोकथाम हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया।बैठक में सभी बैंक से आए हुए प्रतिनिधियों ने भाग लिया।





























