महुआ शिव मंदिर में श्री श्री 108 अखंड महारुद्र यज्ञ, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

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विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ (किशनगंज)

प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बैगना पंचायत के महुआ गांव स्थित शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री श्री 108 अखंड महारुद्र यज्ञ को लेकर क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। यज्ञ स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं तथा समाज और देश में सुख-शांति, समृद्धि एवं अमन-चैन की कामना कर रहे हैं।

यज्ञ के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में लीन होकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय देखी जा रही है। श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं हवन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।


मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश गिरी ने बताया कि श्री श्री 108 अखंड महारुद्र यज्ञ कुल 72 घंटे तक लगातार चलेगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यज्ञ का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देना है। यज्ञ में नेपाल, पश्चिम बंगाल एवं अन्य दूरदराज क्षेत्रों से आई कीर्तन मंडलियों ने अपनी भक्ति प्रस्तुतियों से माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया है।

भजन-कीर्तन की मधुर धुनों से पूरा मंदिर परिसर गूंज रहा है, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। कीर्तन मंडलियों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक यज्ञ स्थल पर बांधे रखा। यज्ञ स्थल पर लगे मेले में भी लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है। विभिन्न प्रकार की दुकानें, झूले एवं खान-पान के स्टॉल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी मेले का आनंद उठाते नजर आ रहे हैं।

दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से लोगों में धार्मिक जागरूकता बढ़ती है और सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है। प्रशासन एवं स्थानीय समिति द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।कुल मिलाकर महुआ शिव मंदिर में आयोजित यह अखंड महारुद्र यज्ञ क्षेत्र के लिए आस्था, भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गया है।

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