अखिल विश्व गायत्री परिवार के परिजनों द्वारा जूही को किया गया सम्मानित, किशनगंज की जूही ने कठिन परिश्रम के बाद यूपीएससी में पाई शानदार सफलता

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दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और परिवार के सौहार्दपूर्ण सहयोग के बल पर किशनगंज की बेटी जूही दास ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। स्वर्गीय निवारण दास की सुपुत्री जूही दास की इस उपलब्धि से पूरे इलाके में गर्व और खुशी का माहौल है।

जूही दास की इस ऐतिहासिक सफलता पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद श्यामानंद झा (अखिल विश्व गायत्री परिवार के वरिष्ठ प्रज्ञा पुत्र) उनके आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जूही दास को अंगवस्त्र, पौधा, सत्साहित्य और स्टीकर भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सम्मान समारोह के दौरान श्यामानंद झा ने कहा कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है जो संघर्षों से घबराते नहीं हैं। उन्होंने प्रेरणादायक शब्दों में कहा,“जो पत्थर चोट खाकर टूट जाता है वह कंकड़ बन जाता है, लेकिन जो पत्थर हर चोट सह लेता है वही शंकर बन जाता है।”

उन्होंने बताया कि जूही दास ने कई बार असफलताओं का सामना किया, लेकिन अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटीं। उनके अटूट संकल्प और मेहनत ने अंततः उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

उन्होंने आगे कहा कि 21वीं सदी नारी शक्ति की सदी है। महिलाएं अपनी निष्ठा और कर्मठता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाकर मानव में देवत्व का उदय करेंगी और भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

इस अवसर पर अधिवक्ता शिशिर कुमार दास भावुक हो उठे और जूही दास की सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।

गौरवपूर्ण इस सम्मान समारोह में रुपेश कुमार झा, पदमा भारतीय,राकेश कुमार ,अर्जुन पोद्दार,सुशील कुमार ,अधिवक्ता कमलेश कुमार , देवदास सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और जूही दास को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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