किशनगंज/प्रतिनिधि
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने सोमवार देर रात्रि टेढ़ागाछ थाना एवं फतेहपुर थाना का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य थाना स्तर पर विधि-व्यवस्था की स्थिति का आकलन, लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
रात्रि निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, मालखाना प्रबंधन तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति का गहन परीक्षण किया। उन्होंने रात्रि गश्ती व्यवस्था की भी जानकारी ली और संबंधित पदाधिकारियों को क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के क्रम में लंबित कांडों की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने वारंट एवं कुर्की के निष्पादन की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी बल दिया गया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और हर हाल में अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाए।
एसपी संतोष कुमार ने जन शिकायतों के त्वरित निपटारे पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने थाना स्तर पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना मजबूत होना आवश्यक है, तभी प्रभावी पुलिसिंग संभव है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विधि-व्यवस्था संधारण, नियमित गश्ती, अपराध नियंत्रण एवं रात्रिकालीन सतर्कता बढ़ाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाए।इस औचक निरीक्षण के बाद संबंधित थानों में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी है।
पुलिसकर्मियों में अनुशासन एवं जवाबदेही को लेकर सजगता देखी जा रही है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने के संकेत मिले हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि नियमित निरीक्षण से कानून-व्यवस्था और बेहतर होगी तथा अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
























