एसबीआई हड़ताल में नहीं है शामिल
जिले में दो सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित
किशनगंज/प्रतिनिधि
लेवर कोड की वापसी,बैंकों को मजबूती प्रदान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर एआईबीइए, एआईबीओए सहित विभिन्न संगठनों के आह्वान पर जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मी गुरुवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे।हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक के कर्मी शामिल नहीं थे।अपनी मांगों को लेकर बैंक कर्मियों ने शहर के भगत टोली रोड के पास इंडियन बैंक की शाखा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए।
वहीं इन बैंकों के अधिकारी संवर्ग के हड़ताल पर नहीं रहने के कारण शुरुआत में कुछ शाखाएं खुली थी।लेकिन बाद में उसे भी बंद करवा दिया गया।इंडियन बैंक एम्पलाइज यूनियन बिहार,झारखंड के उपाध्यक्ष अमित कुमार व कार्यकारिणी सदस्य संजय सुमन ने कहा कि आउटसोर्सिंग तथा ठेकानियुक्ति पर रोक,एनपीएस की वापसी, ओपीएस की बहाली,कॉरपोरेट हाउस से बकाये ऋण राशि की सख्ती से वसूली आदि मांग को लेकर हड़ताल किया गया है।मांगे नहीं मानी गई तो संघ के आह्वान पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैंक कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से जिले में लेन देन का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।हालांकि एसबीआई की सभी शाखाएं खुली रही। एसबीआई के एटीएम भी खुले हुए थे।बैंक बंद होने के कारण लोग परेशान रहे। गुरुवार को भी कुछ ग्राहक बैंक सम्बंधित कार्य के लिए बैंक तो पहुंचे। लेकिन बैंकों के मुख्य द्वार पर ताला लटका देख लोग बैरंग वापस लौट गयें। शहर में एसबीआई की छह शाखाएं है,जो खुली हुई थी।
इसके अलावा अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों की 18 शाखाएं है।इन बैंकों में भी लोग रुपए निकासी व व्यवसायिक कार्य के लिए पहुंचते है।कई व्यवसायियों का कारोबार भी प्रभावित हुए है।हड़ताल में इंडियन बैंक शाखा के कर्मी संजय कुमार सुमन,अमित कुमार साहा, सुमन कुमारी,निशा बरनवाल, यूको बैंक के मनोज कुमार आदि शामिल थे।
दो सौ करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित
बैंक कर्मियों के हड़ताल के कारण जिले में लेन देन का कार्य प्रभावित हुआ है।अनुमान लगाया जा रहा है कि जिले में करीब दो सौ करोड़ के लेन देन का कार्य प्रभावित हुआ है। एसबीआई को छोड़ शहर में 18 से ज्यादा विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं हैं। जिसमे सभी मे करोड़ों रुपये का लेनदेन व व्यवसाय होता है।हड़ताल के कारण ये सभी कार्य प्रभावित हुए।


























