माता-पिता की सेवा से स्वर्ग की प्राप्तिः स्वामी सत्यानंद

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फलका /कटिहार/प्रतिनिधि

प्रखंड क्षेत्र के भंगहा गांव में दो दिवसीय संतमत ध्यान महाधिवेशन सत्संग का भव्य आयोजन किया गया।महाधिवेशन का विधिवत उद्घाटन हरिद्वार से पधारे अंतरराष्ट्रीय संत प्रवक्ता स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने सतगुरु महाराज के उद्घोष के बीच दीप प्रज्वलन कर किया।

संतमत सत्संग के प्रथम दिन विशाल एवं सुसज्जित पंडाल में आयोजित प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि जिस व्यक्ति ने स्वयं को पहचान लिया और आत्म अनुसंधान कर लिया, उसका जीवन सफल हो गया।

जो व्यक्ति अपने माता-पिता की सेवा नहीं करता,उसे कभी स्वर्ग की प्राप्ति नहीं हो सकती। क्योंकि स्वर्ग का मार्ग माता-पिता की सेवा से होकर ही जाता है। कहा कि मानव जीवन सुख और दुख का समन्वय है। हर घर में समस्याएं है। लेकिन सच्चा सुख केवल सत्संग में ही प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि सत्संग में आने से आत्मबल बढ़ता है। संत जीवन का सही मार्ग दिखाते है और समय रहते सावधान भी करते है। यह शरीर नश्वर है। लेकिन संतों की वाणी कभी भी मनुष्य का उद्धार कर सकती है, इसलिए सत्संग से जुड़ना आवश्यक है। अपने प्रवचन में स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने यह भी कहा कि जहां झूठ, चोरी,हिंसा,नशा, जुआ और मांस-मछली का व्यापार होता है। वहीं कलियुग महाराज का वास हो जाता है। दो दिवसीय सत्संग समाप्त हो गया।

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