देश :क्यो न्यूज चैनल लगवा रहे है एक दूसरे के खिलाफ मुर्दाबाद का नारा ,कौन है टीआरपी का असली चोर ?

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मीडिया संस्थानों की आपसी प्रतिस्पर्धा में पत्रकारिता की छवि हो रही है धूमिल ।

विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मीडिया संस्थानों को प्रतिस्पर्धा भूल कर होना होगा एकजुट ।

टीआरपी के खेल में जनसरोकार से जुड़े मुद्दों से दूर हो रहे है समाचार चैनल ।

राजेश दुबे

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ अर्थात मीडिया आज कल संक्रमण काल से गुजर रहा है ।मीडिया पर पक्ष और विपक्ष का आरोप हमेशा लगता रहा है ।जिसे लेकर देश में हमेशा बहस चलती रहती है । यही नहीं आजकल कुछ चैनलों को लोग गोदी मेडिया के नाम से सुशोभित करते है ।

लेकिन जब मीडिया संस्थान ही एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप लगाना आरंभ कर दे तो उसे क्या कहिएगा ।

देश में बीते कुछ दिनों से ऐसा ही देखने को मिल रहा है ।मीडिया जिसके ऊपर समाज और व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी है वो आपस में ही गलाकाट प्रतिष्पर्धा के चक्कर में उलझ गए है ।मीडिया संस्थानों को ना तो देश की समस्या से मतलब है और ना ही पत्रकारिता के प्रतिष्ठा से इन्हें मतलब है सिर्फ कैसे इनकी झोली भरे ।

ताजा मामला टीआरपी से जुड़ा हुआ है ।जिसे लेकर कुछ मीडिया संस्थान आपस  में ही एक दूसरे को चोर बताने में जुटे हुए है ।

दरअसल गुरुवार को मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि रिपब्लिक भारत द्वारा टीआरपी बढ़ाने के लिए लोगो को रुपया दिया जाता है ।जिसके बाद पूरे देश में यह बहस छिड़ गई कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है ,वहीं रिपब्लिक भारत के मालिक अर्णब गोस्वामी से पूछताछ के लिए नोटिस भेजने की भी बात पुलिस कमिश्नर के द्वारा कहीं गई ।

प्रेस कांफ्रेंस के बाद देश के सभी समाचार चैनल रिपब्लिक भारत के खिलाफ एक जुट होकर खबर का प्रसारण करने लगे और सभी चैनलों ने मर्यादा को ताक पर रख कर खबरों का प्रसारण किया और खुद को ईमानदार घोषित करने की कोशिश में जुटे दिखे ।

लेकिन कुछ ही घंटो में खबर आई कि जिस एफआईआर का हवाला देकर रिपब्लिक भारत पर करवाई की बात पुलिस के द्वारा कहीं जा रही थी उसमें रिपब्लिक का नाम ही नहीं है बल्कि इंडिया टुडे का नाम है । रिपब्लिक भारत को बैठे बिठाए सहानुभूति प्राप्त करने का अवसर मिल गया और देखते ही देखते लाखो लोगो ने ट्वीटर पर रिपब्लिक और अर्णब गोस्वामी के समर्थन में अपने विचार व्यक्त कर आजतक सहित अन्य चैनलों के खिलाफ हल्लाबोल कर दिया ।यही नहीं रिपब्लिक के समर्थन में कुछ लोगो ने रिपब्लिक चैनल पर अन्य चैनलों के खिलाफ मुर्दाबाद का नारा लगाया।

उसी क्रम में जी न्यूज द्वारा एक खबर वेब पोर्टल पर प्रकाशित की गई । जी ने खबर का हेडिंग कुछ इस तरह दिया है कि क्या अर्णब गोस्वामी की होगी गिरफ्तारी ?

जी न्यूज के इस खबर को पाठको ने हाथो हाथ लिया और हजारों लोगो ने पोस्ट पर जी न्यूज मुर्दाबाद , बायकॉट जी न्यूज प्रतिक्रिया देकर अर्णव गोस्वामी का समर्थन किया है ।

कमेंट करने वालो ने लिखा कि जी न्यूज तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी साथ ही जी के एडिटर सुधीर चौधरी पर भी लोगो ने जम कर भड़ास निकला है । एक व्यक्ति मदन सिंह ने तो लिख दिया कि सुधीर चौधरी की गिरफ्तारी होनी चाहिए ?

अब कौन कितना बड़ा चोर है यह तो जांच के बाद पता चलेगा । लेकिन जिस तरह से मीडिया संस्थान आपस में ही एक दूसरे को चोर बताने में जुटे है उससे मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल जरूर खड़े हो रहे है ।

फोटो साभार :इंटरनेट

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