विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत खनियाबाद पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय फुलबाड़ी आदिवासी टोला में शिक्षा व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। विद्यालय में नामांकित 207 छात्र-छात्राओं के लिए मात्र तीन शिक्षक (दो शिक्षिकाएं एवं एक शिक्षक) कार्यरत हैं। ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता पर स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठता है।
स्थानीय अभिभावक सीताराम पासवान ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि एक ओर कई विद्यालयों व मदरसों में शिक्षक अपेक्षा से अधिक हैं, तो दूसरी ओर कुछ विद्यालयों में शिक्षकों का अभाव बच्चों के भविष्य को अंधकार में ढकेल रहा है।
प्रधानाध्यापक मोहम्मद नादिर ने भी शिक्षक संकट को गंभीर बताते हुए कहा कि विद्यालय में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति संतोषजनक है, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी के चलते पठन-पाठन कार्य बाधित हो रहा है। इस संदर्भ में कई बार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शीला कुमारी को आवेदन भी दिया गया, पर अब तक कोई सार्थक पहल नहीं हुई है।
विद्यालय में संसाधनों की कमी और अधिकारियों की शिथिलता ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या सरकार की “सबको शिक्षा” योजना केवल कागजों पर सिमट कर रह गई है? स्थानीय अभिभावकों की मांग है कि शिक्षा विभाग त्वरित संज्ञान लेते हुए विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करे ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।