नक्सलबाड़ी /चंदन मंडल
खोरीबाड़ी प्रखंड अंतगर्त बिन्नाबाड़ी पंचायत का डांगुजोत आज भी विकास की अनदेखी दास्तान कह रही है। विकास की अनदेखी के कारण डांगुजोत की सड़क 13 वर्ष से अधूरी पड़ी हुई है। यह सड़क भारत से नेपाल आने – जाने में सहायक सड़क की भूमिका भी निभाती है फिर भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई पहल नहीं की गई है। ज्ञात हो कि उक्त रास्ते से होकर दर्जनों भर से अधिक छोटे- बड़े वाहनों का आवजाही होती है और टोटो यानी ई रिक्शा तो है ही।

फिर भी प्रशासन मौन धारण किए है । इस संबंध में डांगुजोत के ग्रामीण , मनोज महतो , पप्पू यादव , शंभु साह , अरविंद यादव, शिबु साह, सत्तनारायण मंडल आदि लोगों ने बताया कि यह सड़क 13 वर्ष पहले बनी हुई थी । उसके बाद कभी भी इसकी देख- रेख नही की गई है। सड़क टूटती गई और मरम्मत का काम नहीं हुआ। धीरे – धीरे सड़क बदहाल होती चली गई। और यह सड़क अभी टूट – फूट के अधूरी पड़ी हुई है। तथा यह सड़क इतनी बदहाल हो चुकी है कि जायजा लेने वाला भी कोई नहीं है। सड़क की खराब स्थिति होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई रहती है।
वहीं पंचायत के पूर्व उप प्रधान राम सिंहासन महतो ने बताया कि आज की युग में बुलेट ट्रेन बनाना , मंगल ग्रह पर पहुंचना आम बात है, लेकिन संबंधित जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों के दोष के कारण 13 वर्ष से यह सड़क अधूरी पड़ी हुई है । फिर भी प्रशासन मौन धारण करके बैठे हुए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि हर चुनाव में नेता यहाँ वोट मांगने आते हैं और सड़क बनाने की बात करते हैं।

चुनाव के बाद सड़क बनाना तो दूर नेताओं के दर्शन तक नहीं होते हैं। जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या को दूर करने की कोशिश नहीं की है। तथा ये भी ज्ञात हो कि डांगुजोत में प्राईमरी स्कूल भी है जिसमे बच्चें इसी टूटी – फूटी रास्ते से होकर प्रतिदिन स्कूल जाते और आते हैं । डॉगुजोत की प्राइमरी स्कूल में स्थानीय बच्चों सहित डुब्बाजोत , बैरागीजोत से बच्चों का आवागमन होता है। तथा इस सड़क पर प्रतिदिन भारत से नेपाल और नेपाल से भारत हजारों लोगों का आना जाना लगा रहा रहता है, लेकिन अभी कोरोना की वजह से बॉर्डर सील होने के कारण नेपाल आना जाना बंद है।
इस सड़क से गुजरने वाले लोगो को भारी परेशानियो का सामना करना पड़ता है। यहां डॉगुजोत के ग्रामीण स्थानीय लोगों भी भारी परेशानी का सामना करना पर रहा है और निराशा की बात तो ये है की आज भी यहां रहने वाले लोग पुरुष व महिला मतदाता प्रत्येक चुनावों में आस लगाये अपने मत का प्रयोग करते हैं की शायद अबकी बार जनप्रतिनिधि उनके गाँव से होकर भारत – नेपाल तक जाने वाली यह सड़क बनवा कर उनकी समस्या हल कर दे , लेकिन अब तक जनप्रतिनिधियों से लोगों को निराशा ही हाथ लगी है । आज यह सड़क इतनी खराब हो चुकी है वाहन के साथ तो दूर पैदल भी चलना मुश्किल हो गया है।
वहीं स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार सड़क टूटी – फूटी होने से डांगुजोत की प्राईमरी स्कूल में पढ़ने के लिए जाने – आने में बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । फिर भी मरम्मत की दिशा में प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। डांगुजोत के ग्रामीण व स्कूली बच्चे सहित सड़क मरम्मत करवाने की मांग की है।