निजी नर्सिंग होम में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने किया जमकर बवाल,सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

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फारबिसगंज/बथनाहा/अरुण कुमार


बथनाहा के एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान 50 वर्षीय श्याम पासवान की मौत हो गई। मृतक फूलकाहा नवाबगंज वार्ड नं 9 के निवासी थे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही और क्लिनिक में उचित इलाज नहीं होने के कारण श्याम की मौत हो गई ।
परिजनों के अनुसार, श्याम पासवान पिछले एक सप्ताह से पैर दर्द की समस्या का इलाज डॉक्टर शंभू यादव से करवा रहे थे। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे डॉक्टर ने उन्हें एक इंजेक्शन दिया। इंजेक्शन के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख डॉक्टर ने उन्हें अन्यत्र रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही श्याम पासवान ने दम तोड़ दिया।

डॉक्टर शंभू यादव घटना के बाद क्लिनिक बंद करके फरार हो गए। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने शव को क्लिनिक में रखकर और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्लिनिक बिना उचित अनुमति और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के चल रहा था। न तो क्लिनिक में किसी आपातकालीन स्थिति को संभालने की व्यवस्था थी और न ही प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद था। डॉक्टर की लापरवाही और अव्यवस्थित चिकित्सा व्यवस्था ने एक व्यक्ति की जान ले ली।


सूचना मिलने पर बथनाहा थाना अध्यक्ष धनोज कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डीएसपी फारबिसगंज मुकेश कुमार साहा ने स्थिति का जायजा लिया और बताया कि विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोड जाम हटाकर यातायात चालू कर दिया गया है।


परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने डॉक्टर की गिरफ्तारी और क्लिनिक पर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।


यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों और बिना लाइसेंस के चल रहे क्लिनिकों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। इस तरह की घटनाओं से जनता का स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हो रहा है।

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