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सत्संगियों को सदाचार का पालन करते हुए सतगुरु का ध्यान करने से आध्यत्मिक शक्ति मिलती है : ज्ञानशेखर

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टेढ़ागाछ/किशनगंज।मनोज कुमार

टेढ़ागाछ प्रखंड के चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत कास्त खर्रा में आयोजित संतमत सत्संग का दो दिवसीय सतसंग बुधवार को भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हो गया। सत्संग में सत्संगियों व श्रद्धालुओं ने भारी संख्या ने पहुँचकर आध्यत्मिक प्रवचनों का लाभ उठाया। इस अवसर पर संत सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के शिष्य स्वामी ज्ञानशेखर बाबा व अन्य साधु महात्माओं एवं विद्वानों के प्रवचन-भजन से सत्संगियों ने आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाया।

सत्संग सभा को संबोधित करते हुए स्वामी ज्ञानशेखर बाबा ने अपने प्रवचन में कहा कि ‘साधन धाम मोक्ष कर द्वारा’ इस शरीर में रह कर साधन कर सकते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं। सत्संग भजन के बिना मानव एवं दानव में कोई अंतर नहीं है।सत्संगियों को हमेशा सदाचार का पालन करते हुए सतगुरु का ध्यान करना चाहिए।नियमित ध्यान योग से आध्यत्मिक शक्ति मिलती है और सतगुरु के दया दृष्टि मात्र से संसार से सभी जीवों का कल्याण होता है।मनुष्य को गुरुशरण में जाना जरूरी है और सच्चे गुरु ही सही दिशा निर्देश करते है।मानव को सदाचार का पालन करना तथा पांच पापों से दूर रहना चाहिए।

जो पांच पापों का त्याग करते हैं,वही सच्चा सत्संगी तथा गुरु भक्त हो सकते हैं।इस सत्संग स्थल में बनी पंडाल श्रद्धालुओं की जुटी अपार भीड़ से भर गया था।सत्संग स्थल की व्यवस्था व्यापक रूप से की गई थी। सांध्यकालीन सत्संग के साथ ही दो दिवसीय संतमत सत्संग का आयोजन भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हो गया।इस सत्संग अधिवेशन में ऋषिकेश हरिद्वार से स्वामी ज्ञानशेखर व अन्य साधु महात्मा पहुंचे थे।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त ग्रामीण व स्थानीय सत्संग प्रेमी लगे हुए थे।

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सत्संगियों को सदाचार का पालन करते हुए सतगुरु का ध्यान करने से आध्यत्मिक शक्ति मिलती है : ज्ञानशेखर

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