छातापुर।सुपौल।सोनू कुमार भगत
छातापुर प्रखण्ड के झखाड़गढ़ वार्ड 3 निवासी प्राइवेट लाइन मेन मो. इसराफिल (42) की बिजली करेंट से सोमवार की सुबह मौत हो गयी। जिसको लेकर नाराज उनके परिजनों व स्थानीयों लोग ने छातापुर बिजली पावर हाउस के आगे प्रदर्शन किया। उनलोगों का कहना था कि लाइन मेन मो. इसराफिल के बिजली करेंट से दुःखद मौत हो जाने से उनके परिवारिक जनों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट गया है।
क्योंकि मृतक इसराफिल अपने घर के रक मात्र कमाऊ सदस्य थे। जिनके मेहनत मजदूरी से परिवारिक जनों का भरण पोषण होता था। इसको लेकर वे लोग उचित मुआवजा व बिजली करेंट से किस परिस्थिति में लाइन मेन इसराफिल की मौत हुई है उनकी भी जांच की मांग कर रहे थे। इधर, लाइन मेन की हुई मौत के बाद नाराज परिजनों व स्थानीय लोगों द्वारा की गयी सड़क जाम से जदिया बलुआ पथ स्टेट हाइवे 91 पर छातापुर के बिजली पावर हाउस के समीप दोनों और वाहनों की कतार लग गई।
घटना की सूचना मिलने पर छातापुर बीडीओ रितेश कुमार सिंह, थानाध्यक्ष राम इकबाल पासवान, प्रशिक्षु अवर निरीक्षक प्रियंका कुमारी चौहान, व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरी शंकर भगत, छातापुर मुखिया प्रतिनिधि मकसूद मसन आदि के द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों को मृतक को सरकारी स्तर से मिलने वाली 4 लाख मुआवजा राशि उपलब्ध करवाने की दिशा में पहल करने की बात कही गयी। जिसके बाद नाराज लोग शांत होकर प्रदर्शन को समाप्त किया।
जिसके बाद वाहन चालकों व राहगीरों ने राहत की सांस ली। वही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतू सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया। यहां बता दे कि लाइन मेन मो. इसराफिल सोमवार की सुबह 8 बजे के लगभग खेत के निमित पटवन कार्य को लेकर कार्य निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान बिजली करेंट से उसकी दुःखद मौत हो गई।
लोगों ने बताया कि जब यह हादसा हुआ तो लोग पहुंचकर उन्हें इलाज के लिए छातापुर पीएचसी ले गये। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। क्योंकि बिजली करेंट लगने के बाद पत्थर नुमा स्थान पर गिरने से वे काफी चोटिल भी हो गये थे। पीएचसी के डॉक्टर द्वारा इसराफिल के मृत घोषित करने के बाद परिजनों व स्थानीय जन नाराज होकर प्रदर्शन करने लगे थे।
मृतक की पत्नी रुकसाना खातून व उनकी मां मसिना खातून दोनों हादसे की खबर से बदहवास बनी हुई थी। एक और जहां इसराफिल की मां मसिना खातून कह रही थी कि अब उसे मां कौन कहेगा…वही इसराफिल की पत्नी कुछ बोलने के लिए लब्ज उठाते ही बेसुध हो जाती थी। जबकि मृतक इसराफिल के अन्य परिजन भी भींगी आंखों से कुछ कहते कहते भावुक हो जाते थे। जिसको देखकर स्थानीय लोगों की आंखें भी डब डबा रही थी।
हर कोई मृतक के परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए थे। मृतक इसराफिल को 2 लड़का व 2 लड़की है। बड़ी बेटी परवीना खातून (16), जमीला खातून (12) तथा बेटा रहम तुल्लाह (14) व मो. सदरे आदि के करुण क्रंदन से महौल गमगीन बना रहा। स्थानीय लोगो ने कहा कि मृतक इसराफिल मिलन सार स्वभाव के व्यक्ति थे। लाइनमैन मृतक इसराफिल अपने कार्य के प्रति हमेशा
सक्रिय रहते थे। मौके पर मो. इमाम, मो. साबिर, मो. हारून सहित अन्य लोग मौजूद थे।