खुद तोड़ रहे हैं अपना आशियाना, सैलाब ने ग्रामीणों के सपनो पर फेरा पानी

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किशनगंज /विजय कुमार साह

कहते हैं “सब कुछ देखै जात तो आधा लीजिए बांट” यही हाल है टेढ़ागाछ में कंकई नदी किनारे बसे मालीटोला निवासियों का यहां का मंजर इसी तरह का है। खुद ही लोग अपने घरों पर हथौड़ा चला रहे हैं।

अपना घर टूटता देखकर महिलाएं और बच्चे फूट-फूटकर रोते दिख रही हैं तो वहीं एक-एक हथौड़ा मारते समय गांव निवासियों के दिल से आंसुओं की चीख निकल रही है। कुदरत के कोप का शिकार होकर ग्रामीण खुद घर गिराने को मजबूर है ।बता दे की बुधवार दोपहर बाद से बारिश रुकने के बाद जलस्तर में कमी आई है ।उसके बाद तेजी से कटाव हो रहा है ।टेढ़ागाछ प्रखंड स्थित मटियारी पंचायत के मालीटोला व बाभनटोली के दर्जनों इंदिरा आवास के पक्का मकान ,घर कनकई नदी में विलीन हो चुके है ।

ग्रामीण अपना बना बनाया आशियाना खुद तोड़ने पर मजबूर है।ग्रामीणों का कहना है की पाई पाई जोड़ कर किसी तरह से पक्का मकान बनाया था लेकिन नदी ने सब कुछ छीन लिया है ।सैलाब ने ग्रामीणों के सपनो पर भी पानी फेर दिया है ।ग्रामीणों ने बताया की 15 घर नदी में समाहित हो चुके है और गांव पर संकट मंडरा रहा है।मुखिया प्रतिनिधि ने कहा की मंत्री से लेकर अधिकारियों तक कटाव निरोधी करवा कार्य करवाने की मांग की गई लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला । यहां के निवासियों की पीड़ा दर्दनाक है ।जरूरत है इन पीड़ितों के मदद किए जाने की ताकि इनकी बेपटरी हुई जिंदगी को पटरी पर लाया जा सके।

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