बच्चों को मिड डे मील परोसने से पहले एचएम और रसोईया चखेंगे भोजन कैमूर के 1203 विद्यालयों में योजना संचालित, डीपीओ ने दिए निर्देश

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कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):

सरकार की महत्वकांक्षी पीएम पोषण योजना की गुणवत्ता को लेकर सरकार काफी गंभीर है।मध्यान्ह भोजन योजना में मिल रही शिकायतों को दूर करने के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। जिसके अनुसार भोजन की गुणवत्ता के बारे में प्रधानाध्यापकों को रजिस्टर में अंकित करना होगा। इसके अलावा बच्चों को मिड डे मील परोसने से पहले उसे प्रधानाध्यापक और रसोईया चखेंगे। भोजन चखने के बाद उसकी गुणवत्ता व स्वाद के बारे में रजिस्टर पंजी में अंकित करना है।






भोजन चखने के आधे घंटे के बाद उसे बच्चों के बीच परोसा जाएगा। यह व्यवस्था प्रत्येक विद्यालय में तत्काल प्रभाव से लागू होगी। शिक्षा विभाग के विशेष सचिव और प्रधानमंत्री पोषण योजना के निदेशक ने यह नया आदेश जारी किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए डीपीओ विजय प्रसाद ने बताया कि योजना के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए यह आवश्यक है कि विद्यालयों में दिए जा रहे पके पकाए भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।इसलिए क्रमवार के आधार पर विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सचिव और सदस्यों के अतिरिक्त अभिभावकों से बच्चों को मिड डे मील परोसने से पहले उसे चखने का निर्देश दिया गया है।











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