बिहार :जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बोले सीएम नीतीश कुमार ,कानून बनाने से नहीं होगा समस्या का समाधान ,महिलाओं को जागरूक करने की है जरूरत

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पटना /संवादाता

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आज कई महीनों बाद जनता के दरबार कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जनता के दरबार कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार ने लोगों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को समस्याओं के निपटारे का निर्देश दिया । जनता दरबार कार्यक्रम की समाप्ति के बाद सीएम नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि   हमने वर्ष 2006 में ही जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की शुरुआत करायी थी। हर महीने में तीन सोमवार को अलग-अलग विभागों की सुनवाई तय कर दी और वह निरंतर चलता रहा। शिकायतों के समाधान करने के दौरान चीजों का एनालाइज भी किया करते थे। वर्ष 2015 में मेरे मन में एक बात आई कि क्यों नहीं हमलोग इसके लिए एक कानून बना दें। लोगों की शिकायत के निवारण के लिए लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून वर्ष 2016 में लागू किया।






हर जगह हम अपनी यात्रा में जाते थे तो उसको देखते थे उससे लगता था कि किस प्रकार के लोग ज्यादा आते हैं और किस-किस प्रकार की समस्याएं हैं जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम का जो अनुभव होता था उसके आधार पर कई और भी नियम बनाये ।सीएम ने कहा कि  जमीनी विवाद और आपसी सम्पति को लेकर सबसे ज्यादा हिंसा के मामले हुआ करते हैं। फिर जमीन का नया सर्वे कराने का काम तय किया गया जो अभी चल ही रहा है। यह सब काम करते हुए फिर मेरे मन में यह बात आई कि लोगों को इसके लिए कानूनी अधिकार दे दिया जाए। लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून बना दिया और यह बहुत ही अच्छे ढंग से चल रहा है।







मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लोगों से मुलाकात होती थी तो वे कहते थे कि जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम फिर से शुरू किया जाय। उसे यदि जारी रखते हैं तो लोगों को और ज्यादा सुविधा होगी क्योंकि सभी लोग लोक शिकायत निवारण कानून में नहीं जा पाते हैं। इसी को देखते हुए हमने पुनः यह तय किया कि पिछले बार की तरह ही हर महीने के तीन सोमवार को यह कार्यक्रम किया जाए। आज पुनः इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। हम पहले ही शुरू करना चाह रहे थे लेकिन सवाल था कि इस कार्यक्रम को कहाँ पर किया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो फिर यहाँ पर इसके लिए व्यवस्था की गयी। अप्रैल माह में यह तैयार औ उस समय हम बार-बार आकर यहाँ देख रहे थे। हमने गया था यह तय कर लिया था कि इस कार्यक्रम को मई महीने से शुरू करेंगे। आप जानते में फिर कोरोना का दौर आ गया। उसके चलते यह संभव नहीं था। जब धीरे-धीरे कोरोना  संक्रमितों की संख्या घटी तो हमलोगों ने यह सोच लिया कि इस कार्यक्रम को पुनः प्रारंभ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज ही देखिये कितनी तरह की समस्या लेकर लोग आ रहे हैं। ऐसी बहुत चीजें तय हैं लेकिन आखिर अभी तक वह क्यों नहीं हुआ। हमलोगों को लगा कि लोक शिकायत निवारण कानून तो है ही ।लेकिन लोगों की बातें भी सुननी चाहिए। नई चीजों को लेकर भी लोग आ रहे हैं और विभिन्न विभागों से संबंधित जो काम है वह क्यों नहीं हुआ? इन हम सुन रहे हैं।






कोरोना का दौर है इसे देखते हुए इसमें ऐसी व्यवस्था बनाई गयी है कि शिकायतकर्ता का संबंधित जिले में कोरोना संक्रमण का जाँच कराकर इस कार्यक्रम में भेजा जाय ताकि कोई कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति कार्यक्रम में नहीं आए। फिर उन्हें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी है। कोरोना का दौर खत्म होते ही पहले की तरह जितना चाहे लोग इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री आर०सी०पी० सिंह को बधाई देने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पार्टी के नेता हैं, उन्हें हम कैसे बधाई नहीं दिए ऐसे ही कुछ लोग बोलते रहते हैं। हमारी पार्टी में यह कोई मुद्दा नहीं है।सीएम ने कहा कि कोरोना को लेकर फिर यह आशंका है खतरा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में हम लोगों को प्रोटेक्ट करना चाहते हैं। शिकायत लेकर आने वाले लोगों की सेहत से लेकर उनके आने-जाने, ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गयी है ताकि किन्ही को कोई तकलीफ नहीं हो हमलोग पुरे तौर पर अलर्ट है और केंद्र सरकार की तरफ से भी अलर्टनेस है। हमलोग ऑक्सीजन का मामले हो या अन्य कोई भी जरूरी काम, एक-एक चीज को किया जा रहा है। ट्रीटमेंट से लेकर अस्पताल में जो भी व्यवस्था करनी है वह सब किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी जबू के साथ काम किया जा रहा है।





जनसंख्या नियंत्रण को लेकर ठोस कानून के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिये अगर सिर्फ आप कानून बनाकर उसका उपाय करेंगे तो ये संभव नहीं है। आप चीन का उदाहरण देख लीजिये। वहाँ एक से दो बच्चों को लेकर निर्णय लिया गया, अब देखिये वहाँ क्या रहा है। सबसे बड़ी चीज है कि महिलायें जब पूरी तौर पर शिक्षित होंगी तो अपने आप प्रजनन दर घट जायेगा। इसमें किसी भी कम्यूनिटी को लेकर बातचीत न हो। हम कानून के पक्ष में नहीं है। अलग-अलग राज्य के लोगों की अपनी सोच है, वे अपने ढंग से जो चाहें करें।
बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा- जब से हमारी सरकार बनी है, तब से हम इसे लेकर गंभीर हैं। हमने हवाई सर्वेक्षण कर सभी स्थिति का जायजा लिया है। हमने जिलाधिकारी को बाढ़ पीड़ितों की हरसंभव मदद के निर्देश दिये हैं। देश में कॉमन सिविल कोड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप बताइये कि कॉमन सिविल कोड किस नंबर पर है ? आर्टिकल 44 की बात हो रही है। जरा आर्टिकल 47 भी देख लीजिये। हमलोगों ने बिहार में शराबबंदी लागू की। इन सब चीजों पर ध्यान देते हैं तो शराबबंदी को लेकर भी ध्यान दीजिये। शराबबंदी पूरे देश में लागू हो ।इस कार्यक्रम में सीएम के साथ तमाम विभागों के अधिकारी एवं मंत्री भी मौजूद रहे ।






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