किशनगंज /संवादाता
बिहार के किशनगंज भूत नाथ गौशाला परिसर स्थित ध्यान फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे गौशाला में भूख से 40-50 मवेशियों की भूख से मौत हो गई लेकिन संस्था के कर्मियों का दिल नहीं पसीजा ।मालूम हो कि केरल में हुई हथनी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था ।

ग्रामीणों ने बताया कि संस्था द्वारा संचालित गौशाला में लगभग 2 से 3 हजार मवेशी मौजूद है जिन्हे पुलिस के द्वारा तस्करो से मुक्त करवा कर संस्था को देख भाल के लिए सौंपा गया था ।संस्था को इन मवेशियों कि देख भाल करनी थी लेकिन इन्हें चारा उपलब्ध नहीं करवाया गया जिससे इनकी मौत हो गई ।घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुशांत गोप पहुंचे और उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों से बात की लेकिन उनका कहना है कि सभी पल्ला झाड़ रहे है साथ ही बताया कि कोई सुपर वाइजर तक गौशाला में मौजूद नहीं है जो की मवेशियों कि देख भाल करे ।

दुर्गन्ध के बाद खुली संस्था की पोल
मालूम हो कि गौशाला के नजदीक रह रहे ग्रामीण कई दिन से दुर्गंध से परेशान थे जिसके बाद जब गौशाला गए तो देखा कि मवेशियों के बीच में ही मृत मवेशी पड़े हुए है ।ग्रामीणों ने महामारी की आशंका व्यक्त की है और ग्रामीणों का कहना है कि संस्था के ऊपर करवाई हो ।वहीं बीजेपी जिला अध्यक्ष ने बताया कि पूरे मामले पर उन्होंने गौशाला के सचिव ,अध्यक्ष से बात की लेकिन सभी टाल मटोल रवैया अपना रहे है ।मालूम हो कि इससे पूर्व भी कई बार इस तरह मवेशियों के मौत का मामला सामने आने है लेकिन करवाई के नाम पर नतीजा सिफर ही रहा है ।

























