बेगूसराय/प्रतिनिधि
बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को बेगूसराय की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को कोर्ट परिसर से ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में बेगूसराय मंडल कारा भेज दिया गया।
यह मामला वर्ष 2018 के चर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की जांच के दौरान सामने आया था। बालिका गृह मामले की जांच कर रही सीबीआई ने तत्कालीन मंत्री मंजू वर्मा के बेगूसराय स्थित आवास पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान घर से 50 कारतूस बरामद हुए थे।
जांच में कारतूसों के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सीबीआई ने मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामद कारतूस और अन्य साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष की सजा और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया।
गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के दौरान यह मामला सामने आने के बाद मंजू वर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अवैध कारतूस बरामदगी का यह मामला उस समय राज्य की राजनीति का सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा था। अदालत के ताजा फैसले के साथ करीब आठ वर्ष पुराने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया अपने अहम पड़ाव पर पहुंच गई।



























