निजी नर्सिंग होम पर इलाज में लापरवाही का आरोप
चार दिन के नवजात की मौत के बाद बिगड़ी जच्चा की हालत
उपचार के दौरान दोनों ने तोड़ा दम
तीन घंटे तक प्रदर्शन जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा
बरारी /कटिहार – बरारी थाना क्षेत्र में प्रसव के बाद जच्चा और उसके चार दिन के नवजात की मौत से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने नगर पंचायत बरारी स्थित एक निजी नर्सिंग होम पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने करीब तीन घंटे तक नर्सिंग होम के बाहर एंबुलेंस खड़ी कर विरोध-प्रदर्शन किया और संचालक व संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मृतका की पहचान रौनियां पंचायत के कुड़िया गांव वार्ड संख्या-8 निवासी रामवृक्ष पासवान एवं बॉबी देवी की पुत्री कांचल कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार 26 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर कांचल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरारी लाया गया, जहां एएनसी की जांच की गई। आरोप है कि अस्पताल परिसर में सक्रिय बिचौलियों के कहने पर परिजन उन्हें नगर पंचायत बरारी स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिए।
वहां ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया गया, जिसमें कांचल ने एक पुत्र को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के कुछ ही समय बाद मां और नवजात दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप है कि महिला का पेट असामान्य रूप से फूल गया. लेकिन समय पर समुचित इलाज नहीं किया गया।

नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं कांचल की स्थिति भी लगातार बिगड़ती रही। बाद में उसे भी पूर्णिया के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। मां और चार दिन के नवजात की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
बड़ी संख्या में लोग निजी नर्सिंग होम के बाहर जुट गए और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर बरारी थानाध्यक्ष सुमेश कुमार, सीओ मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। बाद में कोढ़ा अंचल निरीक्षक साजिद आलम तथा कटिहार सदर एसडीपीओ-2 सुनील कुमार शर्मा भी पहुंचे। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, कटिहार भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने रेफर करने से किया इनकार प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मुशर्रफ हुसैन ने बताया कि 26 जुलाई को प्रसव पीड़ा के दौरान महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरारी पहुंची थी, जहां उसकी एएनसी जांच की गई थी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद परिजन अपनी इच्छा से महिला को अस्पताल से लेकर चले गए।
अस्पताल प्रशासन की ओर से महिला को किसी निजी नर्सिंग होम या अन्य अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया गया था। घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में कथित रूप से अवैध रूप से संचालित निजी नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली, बिचौलियों की भूमिका और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

























