अररिया के फारबिसगंज की मटियारी पंचायत का मामला
पुलिस ने शुरू की जांच, मुखिया पति ने आरोपों से किया इनकार
अररिया/अरुण कुमार
फारबिसगंज थाना क्षेत्र की मटियारी पंचायत से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में चोरी के शक में तीन युवकों को खूंटे से बांधकर बेरहमी से पीटते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में एक युवक खून से लथपथ दिखाई दे रहा है, जबकि अन्य दो युवकों की भी लाठियों से पिटाई की जा रही है।
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि ग्रामीणों ने तीनों युवकों को चोरी के आरोप में पकड़ लिया था। आरोप है कि उन्हें पुलिस के हवाले करने के बजाय कथित तौर पर मुखिया पति प्रदीप देव के कामत पर ले जाया गया, जहां खूंटे से बांधकर उनकी जमकर पिटाई की गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति पर अपराध का संदेह होने पर कार्रवाई करने का अधिकार केवल पुलिस और कानून को है। किसी को बंधक बनाकर मारपीट करना कानून को अपने हाथ में लेना है, जो एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
मामले पर फारबिसगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकिशोर कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद मुखिया प्रतिनिधि सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।पुलिस आरोपियों की गिरफ़्तारी हेतु छापेमारी अभियान चला रही है।
वहीं, इस मामले में आरोपों का खंडन करते हुए मुखिया पति प्रदीप देव ने कहा कि यह मामला पूरी तरह झूठा है और उनकी छवि को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उनका कहना है कि गांव में चोरी की घटना हुई थी और ग्रामीणों ने संदिग्ध युवकों को पकड़ा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के समय वह वहां मौजूद नहीं थे।


























