नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा भड़की, सुनसरी में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू,
प्रधानमंत्री बोले— अफवाहों से बचें, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

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धार्मिक जुलूस के दौरान विवाद ने लिया हिंसक रूप, एक की मौत; कई घायल, पूरे इलाके में सुरक्षा बल तैनात

रिपोर्ट: अरुण कुमार

भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में धार्मिक जुलूस के दौरान शुरू हुआ विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। देखते ही देखते दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। कई जगह पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ हुई। हालात बेकाबू होने पर पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा।

मालूम हो कि हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने इनरुवा समेत संवेदनशील इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धार्मिक जुलूस के मार्ग और धार्मिक प्रतीकों को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई। उग्र भीड़ ने दुकानों और वाहनों को निशाना बनाया। कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े और अंततः भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।


हिंसा के बाद पूरा सुनसरी जिला हाई अलर्ट पर है। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।


नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक नेताओं से शांति कायम रखने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।वही नेपाल संसद में भी मामले को विपक्षी दल के नेताओं द्वारा पुरजोर तरीके से उठाते हुए शांति बहाली की मांग सरकार से की गई है।


नेपाल सरकार ने गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की है। सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे जाएंगे। भारत से लगी खुली सीमा को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

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