अपनी जान कुर्बान कर बच्चे की जिंदगी बचा गये चाचा – चाची
मनिहारी/कटिहार – मनिहारी नगर परिषद के पूरब टोला वार्ड संख्या-10 में शनिवार को बिजली के करंट की चपेट में आने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक आठ वर्षीय बालक सुरक्षित है और अनुमंडल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।जानकारी के अनुसार शेख फखरूद्दीन का आठ वर्षीय पोता समद खेलते-खेलते घर की छत पर लगे सर्विस बिजली तार के संपर्क में आ गया।

उसे बचाने के लिए शेख नजीर (42) मौके पर पहुंचे। लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गए। इसके बाद नजीर को बचाने के प्रयास में फखरूद्दीन की पुत्रवधू जुबेदा खातून भी बिजली की चपेट में आ गईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कर तीनों को तत्काल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल के चिकित्सकों ने शेख नजीर और जुबेदा खातून को मृत घोषित कर दिया। जबकि बालक समद का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण दोनों की जान गई। इस आरोप को लेकर आक्रोशित परिजनों ने अनुमंडल अस्पताल में हंगामा किया।
तोड़फोड़ की तथा ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदसलूकी और मारपीट का प्रयास किया। इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमन किशोर ने बताया कि दोनों घायलों का अस्पताल पहुंचते ही परीक्षण किया गया। लेकिन उनकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि विद्युत स्पर्शाघात से घायल बालक समद का इलाज जारी है और उसकी स्थिति स्थिर है।
अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनोद कुमार, पुलिस निरीक्षक पप्पू कुमार तथा थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। एसडीपीओ विनोद कुमार ने बताया कि अस्पताल में तोड़फोड़ कर कानून हाथ में लेने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाते समय कुछ लोगों ने एंबुलेंस के आगे टायर जलाकर रास्ता रोकने का प्रयास किया।
लेकिन पुलिस और प्रशासन की सूझबूझ से स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया गया।
घटना के दौरान माहौल शांत कराने में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि बंटी लाल, सामाजिक कार्यकर्ता आलमगीर, रज्जी इमाम, शेख शाजिद,आजाद तथा स्थानीय पत्रकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।



























