बंगाल : जाति प्रमाण पत्र के लिए अब नहीं लगाना पड़ेगा कार्यालय का चक्कर

SHARE:

नक्सलबाड़ी /चंदन मंडल

पश्चिम बंगाल में जाति प्रमाण पत्र के लिए लोगों को अब सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा और न ही प्रमान पत्र के लिए अधिकांश डोकोमेंट की जरूरत होगी। विलम्ब से प्रमाण पत्र मिलने की असंख्य शिकायतों के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा तेवर दिखाया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अधिकारियों को जाति प्रमाण-पत्र जारी करने में देरी नहीं करने का सख्त निर्देश दिए हैं।

इसके मद्देनजर खोरीबाड़ी तृणमूल कांग्रेस के द्वारा फ़ासीदेवा , खोरीबाड़ी व अन्य जगहो में बैठक कर जाती प्रमाण पत्र के संबंध लोगों की इसकी जानकारी दे रहे हैं। और जाति प्रमाण पत्र अब में क्या क्या आवश्यक कागजात लगेंगे इसकी जानकारी लोगों दे रहे हैं। इसके साथ ही जाती प्रमाण पत्र से संबंधित जानकारी के लिए लोगो को पर्चें भी वितरण कर रहे हैं।


इस संबंध में तृणमूल कांग्रेस के युवा अध्यक्ष किशोरी मोहन सिंह ने बताया कि अगर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के किसी परिवार के एक भी सदस्य के पास जाति प्रमाण-पत्र है तो दूसरी पीढ़ी के आवेदकों के लिए इसी तरह का प्रमाण-पत्र जारी करने की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा निर्देश दिए गए हैं और अब न ही पहले की तरह लोगों को अब जाति प्रमाण पत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

प्रमाण पत्र के लिए आवेदन एवं अन्य जरूरी कागजात प्राप्त होने के एक माह के भीतर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर परिवार की दूसरी पीढ़ी का सदस्य जाति प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन कर रहा है तो इसके लिए कोई जांच-पड़ताल की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे आवेदकों के नाम जाति प्रमाण-पत्र जारी करने में एक माह से अधिक का समय अब नहीं लगेगा। इस दौरान निरंजन विश्वास, धीरू सिंह, विप्लब सरकार, राजीव सिंह, अजीत सिंह, हृदय सिंह, रवीन्द्र सिंह सहित स्थानीय तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

सबसे ज्यादा पड़ गई
error: Content is protected !!