बैंकिंग सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर, पोठिया में अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों की अहम बैठक आयोजित

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डिजिटल फ्रॉड से बचाव, सरकारी योजनाओं का लाभ और स्वरोजगार प्रशिक्षण पर हुई विस्तृत चर्चा

पोठिया/किशनगंज: आम लोगों तक बैंकिंग सुविधाओं को आसानी से पहुंचाने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक उपलब्ध कराने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से गुरुवार को पोठिया प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहम्मद आसिफ ने की।


बैठक में अंचलाधिकारी मोहित राज, एसबीआई आरसेटी किशनगंज के डायरेक्टर सुजीत दास, नाबार्ड के डीडीएम पुष्कर कुमार, स्टेट बैंक पोठिया शाखा प्रबंधक जावेच्छ सहनी, बिहार ग्रामीण बैंक के मैनेजर राज शेखर, तैयबपुर शाखा के मैनेजर कुणाल कुमार, पोठिया शाखा के मैनेजर पंकज सरकार, बैंक ऑफ बड़ौदा रतनपुर के मैनेजर मनीष कुमार सहित एलडीएम ऑफिस किशनगंज के ऑफिस असिस्टेंट अभिजीत कुमार एवं प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।


बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि आज भी कई लोग जानकारी के अभाव में सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में बैंक और प्रशासन के आपसी समन्वय से योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है।
बैठक में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना,मुद्रा लोन, पीएमईजीपी, पीएमएफई, अन्य ऋण सुविधा, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मजबूती देने, किसानों और छोटे कारोबारियों को बैंकिंग योजनाओं से जोड़ने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

साथ ही डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दौर में साइबर ठगी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष बल दिया गया।
बीडीओ मोहम्मद आसिफ ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि प्रखंड क्षेत्र का कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं से वंचित नहीं रहे। इसके लिए बैंक अधिकारी और कर्मी ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल लेन-देन करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।


वहीं एसबीआई आरसेटी किशनगंज के डायरेक्टर सुजीत दास ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एसबीआई आरसेटी लगातार कार्य कर रहा है। यहां बेरोजगार युवक-युवतियों को विभिन्न प्रकार के नि:शुल्क स्वरोजगार प्रशिक्षण दिए जाते हैं, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े होकर बेहतर भविष्य बना सकें।


उन्होंने बताया कि आरसेटी के माध्यम से सिलाई, ब्यूटी पार्लर, मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर, पशुपालन, कृषि आधारित कार्य, छोटे व्यवसाय प्रबंधन सहित कई प्रकार के प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रशिक्षण के बाद इच्छुक लोगों को बैंक ऋण और स्वरोजगार शुरू करने से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है।


नाबार्ड के डीडीएम पुष्कर कुमार ने भी ग्रामीण विकास में बैंकिंग व्यवस्था की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत समाज बनाने के लिए लोगों को योजनाओं से जोड़ना और वित्तीय जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।


बैठक में मौजूद सभी बैंक अधिकारियों ने बेहतर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करने की बात कही।

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