अवैध पैथोलॉजी खोल कर रोगियों के जीवन से हो रहा खिलवाड़,जिम्मेवार लापरवाह

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बिना पैथोलोजिस्ट एक घंटे में मिल जाता है जांच रिपोर्ट

कदवा/कटिहार-प्रखंड क्षेत्र में विगत कई वर्षों से एक अवैध पैथोलॉजी संचालित होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार प्रखंड मुख्यालय के पास हीं गोदावरी मेडिकल हाॅल में रोगियों की जान से खेलने वाला अवैध धंधा फल फूल रहा है।जिसका शिकार कदवा सहित डंडखोरा और आजमनगर प्रखंड की गरीब जनता हो रही है। आमजनों की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस पैथोलॉजी में श्योर प्लस डायग्नोस्टिक, डा.एसएन कुमार, एमडीपैथ,बिहार टाकिज रोड,लाइन बाजारपूर्णियाॅ का बोर्ड भी लगा देखा जाता है।बोर्ड पर रजि.नं.-75/17 अंकित है।

सूत्रों के अनुसार पैथोलाजी में सत्यम कुमार नामक युवक रोगियों का सेम्पल कलेक्ट कर एक से डेढ घंटे में जांच रिपोर्ट दे देता है।हलांकि सत्यम कुमार का कहना है कि सैंपल का पूर्णियां लैब में ले जाकर जांच के बाद रिपोर्ट तैयार किया जाता है।जबकि कुम्हड़ी से लाइन बाजार की दूरी कम से कम 35 किमी है।जहाॅ जाने आने में लगभग दो घंटा समय और 200 रुपये खर्च होता है।इस स्थिति में पूर्णियां में जांच कराकर एक-डेढ घंटे में रिपोर्ट देने वाला बयान हीं भ्रामक प्रतीत होता है।लोगों की माने तो स्वयं सत्यम कुमार हीं जांच कर रिपोर्ट बनाकर रोगी को देता है।


ऐसे में कई सवाल स्थानीय स्तर पर चर्चा में है कि गोदावरी मेडिकल हाॅल में कई चिकित्सक प्राइवेट रुप से रोगियों का इलाज करते हैं जो स्वास्थ्य विभाग में उच्चाधिकारी की जिम्मेवारी निभा चुके हैं।लेकिन इस बड़े फर्जीवाड़े की जानकारी प्रशासन को नहीं होगी,इस पर शायद हीं किसी को विश्वास हो रहा है। इस विभाग को जानने वालों की माने तो एक लाइसेंस पर एक ही जगह लैब चलाया जा सकता है,तो फिर दूसरे जिले में चलाने का सवाल हीं कहां उठता है?


मतलब साफ है कि बिना जांच के ही फर्जी रिपोर्ट बना कर रोगियों का दोहन किया जाता है।क्योंकि पैथोलॉजी में न कोई टेक्नीशियन है और न हीं पैथोलॉजिस्ट। संचालक सह कंपाउंडर ही खून निकालकर मनमानी रिपोर्ट दे रहा है।


गलत रिपोर्ट के आधार पर दी गई दवा खाने से जान भी जा सकती है। खासकर शुगर, थायराइड, किडनी जैसी बीमारियों की जांच में गड़बड़ी जानलेवा हीं होगी।सिविल सर्जन डा. जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि पूर्णिया का लाइसेंस से कटिहार में पैथोलॉजी नहीं चलाया जा सकता है।


उन्होंने कहा कि अगर इस प्रकार का मामला है तो निश्चित तौर पर जांच कर कारवाई की जाएगी।वहीं स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पैथोलॉजी की जांच कराकर दोषी पाये जाने पर संचालक के विरुद्ध कठोरतम कारवाई किये जाने की मांग की है।

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