वेतन भुगतान में देरी से भड़कीं आशा कर्मियां, पोठिया सीएचसी में जमकर हंगामा,स्वास्थ्य प्रबंधक पर लगाए गंभीर आरोप

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पोठिया/किशनगंज/राज कुमार

पोठिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोठिया सोमवार को आशा कर्मियों के आक्रोश का गवाह बना। पिछले छह माह से मानदेय भुगतान नहीं होने सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर दर्जनों आशा कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित आशा कर्मियों ने अस्पताल परिसर में जमकर प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहीं आशा कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण वे आर्थिक संकट से गुजर रही हैं। घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई आशा कर्मियों ने कहा कि फीस जमा नहीं कर पाने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई तक बाधित होने की नौबत आ गई है।

आशा कर्मियों का आरोप है कि जब वे अपनी समस्याओं को लेकर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक वसंत कुमार के पास पहुंचीं, तो समाधान करने के बजाय उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। इसी बात से नाराज होकर आशा कर्मियां एकजुट हुईं और अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई।

वहीं प्रदर्शनकारी आशा कर्मियों ने अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसूता को अस्पताल लाने के दौरान एएनएम द्वारा कथित रूप से पैसों की मांग की जाती है, जिससे आशा कर्मियों के साथ-साथ मरीज और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इधर पूरे मामले पर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक वसंत कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किसी भी आशा कर्मी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया गया है। लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

वहीं इस संबंध में जब पीएचसी प्रभारी डॉ. शाहिद अंसारी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वे किसी कार्य से अस्पताल से अनुपस्थित हैं। मामले की जानकारी मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल आशा कर्मियां अपनी मांगों को लेकर अड़ी हुई हैं। उनका कहना है कि जब तक लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे अपनी आवाज उठाती रहेंगी। आशा कर्मियों के प्रदर्शन के बाद अस्पताल प्रबंधन और कर्मियों के बीच चल रहा विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है।

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