जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत 82 जनजातीय गांवों में लगाया जाएगा शिविर-डीएम

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गरिमा उत्सव 2026 का डीएम ने किया शुभारंभ

​कटिहार – आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास योजनाओं की पहुँच शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए ‘जनजातीय गरिमा उत्सव 2026’ का आयोजन किया जा रहा है।इसके तहत जन भागीदारी—सबसे दूर सबसे पहले के देशव्यापी आईईसी अभियान की शुरुआत सोमवार से हो गई है। आगामी 25 मई तक चलने वाले इस विशेष जागरूकता अभियान का जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सोमवार को दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।इस अवसर पर डीएम ने शिविर को लेकर पत्रकारों के साथ एक प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी साझा की है। इस दौरान नगर आयुक्त संतोष कुमार, डीडीसी अमित कुमार,जिला कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय जिलास्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।​पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उसका लाभ पहुँचाना है। इसके तहत जिले के कटिहार, मनसाही, अमदाबाद, हसनगंज, डंडखोरा, कोढ़ा,फलका, आजमनगर,प्राणपुर, बलरामपुर,बरारी, कुरसेला एवं मनिहारी जैसे 13 आदिवासी बाहुल प्रखंड अन्तर्गत 42 पंचायतों के 82 गाँवों को चिन्हित किया गया है। चयनित गाँवों में 19 मई से 25 मई तक संबंधित विभागों द्वारा विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। जहाँ प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन ऑन द स्पॉट निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने बताया कि जन भागीदारी अभियान के तहत चिन्हित आयोजन स्थलों व टोलों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही जनजातीय टोले के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। 19 से 25 मई तक होने वाले इस जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत होने वाले कार्यक्रमों को लेकर बता दें कि ​20 मई को प्रखंडस्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा चिन्हित गाँवों में पैदल मार्च निकाल कर लोगों को जन भागीदारी अभियान के तहत होने वाली ‘जन सुनवाई’ के प्रति जागरूक किया जाएगा। जबकि ​21 से 23 मई तक विभिन्न सरकारी विभागों के माध्यम से गाँवों में शिविर लगाकर जन सुनवाई होगी। जिसमें योग्य लाभुकों को सरकारी योजनाओं से आच्छादित कर उन्हें उनका हक दिलाया जाएगा तथा उनकी समस्याओं का ऑन-द्-स्पॉट निवारण भी किया जाएगा। जबकि ​24 मई को शिविरों और जन सुनवाई के माध्यम से चिन्हित गाँव के ग्रामीणों को उपलब्ध कराये गए योजनाओं के लाभों की पूरी रिपोर्ट और विस्तृत विवरणी तैयार की जाएगी।फिर ​25 मई को अभियान के अंतिम दिन जिला प्रशासन शिविर से मिले लाभों की समीक्षा कर विकास की गति को आगे भी बनाए रखने के लिए भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।​जिला प्रशासन की ओर से इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर काम करने का निर्देश दिया है, ताकि जिले का कोई भी जनजातीय क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से अछूता न रहे।

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