बैरिया हाट में दो दिवसीय संतमत सत्संग का भव्य आयोजन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

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टेढ़ागाछ (किशनगंज): विजय कुमार साह

प्रखंड क्षेत्र के खनियाबाद पंचायत अंतर्गत बैरिया हाट में दो दिवसीय संतमत सत्संग का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। 18 एवं 19 अप्रैल को आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम का समापन रविवार संध्या 6:00 बजे अंतिम सत्र के साथ होगा। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना रहा।

सत्संग के मुख्य प्रवचनकर्ता श्री पलटू दास जी महाराज ने अपने ओजस्वी और सरल प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने मानव जीवन के उद्देश्य, सत्संग की महत्ता और गुरु भक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके प्रवचनों को श्रद्धालुओं ने ध्यानपूर्वक सुना और आत्मसात करने का प्रयास किया।

प्रवचन के दौरान कई बार वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो उठा और श्रद्धालु भजन-कीर्तन में भावविभोर नजर आए। श्री पलटू दास जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि “मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। सत्संग के माध्यम से ही आत्मा का कल्याण संभव है। जब तक व्यक्ति सच्चे गुरु के मार्गदर्शन में नहीं आता, तब तक उसे जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझ में नहीं आता।”

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सदाचार, सेवा और भक्ति को अपनाएं, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। इस आयोजन को सफल बनाने में बैरिया गांव के ग्रामीणों एवं सत्संग प्रेमियों की अहम भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने तन-मन-धन से सहयोग कर कार्यक्रम को भव्य रूप दिया। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल, प्रसाद एवं अन्य व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से की गई थीं, जिससे किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।


कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। सभी वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाया। सत्संग के माध्यम से समाज में भाईचारे, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया। अंतिम दिन के सत्र में विशेष भजन-कीर्तन एवं प्रवचन का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद संध्या 6:00 बजे कार्यक्रम का विधिवत समापन होगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से अंतिम सत्र में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ लेने की अपील की है।

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