टेढ़ागाछ/विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं सबसे बड़े बाजार फुलबड़िया में रविवार को स्थानीय व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाजार की बदहाल स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि समय रहते बाजार की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य फुलबड़िया बाजार के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस रणनीति तैयार करना तथा व्यापारियों के हितों की रक्षा करना रहा। बैठक के दौरान बाजार में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई गई। व्यापारियों ने कहा कि अपर्याप्त पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी के कारण असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इसको लेकर बाजार क्षेत्र में पुलिस जवानों की संख्या बढ़ाने और नियमित गश्ती सुनिश्चित करने की मांग की गई।
स्वच्छ भारत अभियान की तर्ज पर बाजार परिसर को स्वच्छ और कूड़ा-मुक्त बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। व्यापारियों ने निर्णय लिया कि नियमित सफाई अभियान चलाया जाएगा और दुकानदार स्वयं भी सफाई के प्रति जागरूक रहेंगे। साथ ही, स्थानीय प्रशासन से कूड़ा उठाव की समुचित व्यवस्था कराने की मांग करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।बैठक में बाजार में आने वाले ग्राहकों की सुविधाओं, सड़क, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ।
व्यापारियों ने कहा कि फुलबड़िया बाजार प्रखंड का सबसे पुराना और सबसे बड़ा बाजार होने के बावजूद आज यह प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है।व्यापारियों ने विशेष रूप से बाजार के बीचोबीच बने मार्केट शेड की जर्जर स्थिति को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उक्त शेड काफी पुराने होने के कारण बेहद जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस संबंध में जिलाधिकारी को पूर्व में शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
व्यापारियों ने मांग की कि जर्जर शेड की अविलंब मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए।
इसके अलावा बैठक में फुलबड़िया बाजार को आधिकारिक रूप से “बाजार समिति” का दर्जा देने की मांग भी उठाई गई। व्यापारियों का कहना था कि बाजार समिति का दर्जा मिलने से यहां विकास कार्यों को गति मिलेगी और व्यापारियों को कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
बैठक में उपस्थित सभी व्यापारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि बाजार की उन्नति और सुरक्षा के लिए आपसी एकता और सहयोग अत्यंत आवश्यक है। साथ ही स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से बाजार की समस्याओं के समाधान में सक्रिय सहयोग करने की अपील करने का निर्णय लिया गया।
अंत में व्यापारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



























