झाड़ फूंक के बहाने दुष्कर्म करने वाले आरोपी सरफराज को कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा,जुर्माना भी लगाया गया

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पीड़िता का वीडियो भी बना कर किया था वायरल

संवाददाता/किशनगंज

किशनगंज जिले के दिघलबैंक थाना क्षेत्र में झाड़-फूंक के बहाने एक विवाहिता के साथ दुष्कर्म करने और फिर निजी वीडियो वायरल कर ब्लैकमेल करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायाधीश एससीएसटी सुरेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।अदालत ने दिघलबैंक थाना क्षेत्र निवासी आरोपी सरफराज आलम को दुष्कर्म व आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए 10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।

जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।बता दे कि इस मुकदमे में सजा की बिंदु पर विशेष लोक अभियोजक आदु लाल ने अदालत में जोरदार दलीलें पेश की।मामले में दो वर्ष पूर्व पीड़िता ने दिघलबैंक थाना में ये शिकायत दर्ज करवाई थी।लोक अभियोजक ने बताया कि पीड़िता का पति प्रदेश में मजदूरी करता था।

इसी दौरा सरफराज ने झाड़ फूंक के बहाने इलाज के नाम पर धोखे से पीड़िता के साथ अंतरंग संबंध बनाए तथा चुपके से उसका वीडियो बना लिया।इसके बाद आरोपी ने वीडियो वायरल करने व जान से मारने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल करता रहा और जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा।साथ ही वीडियो बना कर उसे वायरल कर दिया।

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एससीएसटी सुरेश कुमार की अदालत ने सभी गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया और गुरुवार को सजा सुनाई।अदालत के फैसले के बाद पीड़िता ने राहत की सांस ली है।इधर अदालत के इस फैसले के बाद लोगों में न्याय के प्रति भरोसा और भी मजबूत हो गया है। वहीं लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है।इस फैसले पर न्यायालय ने साफ तौर पर कहा है की ऐसे मामलों में दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा

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