परिजनों ने लगाया लापरवाही और गलत इंजेक्शन का आरोप
फलका /कटिहार – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फलका में ईलाज के दौरान एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने और गलत इंजेक्शन देने का गंभीर आरोप लगाया है।
इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने चिकित्सा व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।मृतका की पहचान फलका बस्ती निवासी सोफिया खातून (70) के रूप में हुई है। मृतका की पुत्री हिना प्रवीण ने फलका पुलिस को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में कहा गया है कि उनकी मां को अचानक सीने में दर्द, एसिडिटी और उल्टी की शिकायत हुई थी।
इसके बाद उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फलका में भर्ती कराया गया। चिकित्सक की सलाह पर मरीज का ईसीजी भी किया गया। आरोप है कि इलाज के दौरान एक इंजेक्शन दिए जाने के कुछ ही देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया। पुत्री ने आशंका जताई है कि गलत इंजेक्शन या चिकित्सीय लापरवाही के कारण ही उनकी मां की मौत हुई है। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में इलाज से संबंधित पर्ची, दिए गए इंजेक्शन, दवाओं के विवरण,मेडिकल रिकॉर्ड और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की जांच करने का अनुरोध किया है।
परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, हालांकि उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया।दूसरी ओर ओपीडी में तैनात चिकित्सक डॉ. स्नेहिल अंशु ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। डॉक्टर ने कहा महिला को सीने में दर्द और उल्टी की शिकायत पर लाया गया था। प्राथमिक उपचार के तौर पर उन्हें पैंटोप्राजोल और ऑन्डम इंजेक्शन दिया गया था। इसके कुछ ही देर बाद मरीज की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी। जिसके बाद तुरंत ऑक्सीजन भी लगाया गया। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मरीज की मौत हार्ट अटैकके कारण हुई है।घटना की सूचना मिलते ही फलका थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है।