डीएसपी और बीडीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल; करीब 3 लाख के नुकसान का अनुमान।।
बहादुरगंज/किशनगंज/निशांत
नीट पेपर लीक और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बहादुरगंज में हुए उग्र प्रदर्शन और पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। जहाँ अंचलाधिकारी आशीष कुमार सिंह की लिखित शिकायत के आधार पर बहादुरगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मौके से प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे 22 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
बताते चले की बीते दिन विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहे पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।जहाँ बहादुरगंज कॉलेज परिसर में एकत्र होकर प्रदर्शनकारियों के नेतृत्वकर्ता भड़काऊ और उग्र भाषण दे रहे थे। तभी दोपहर करीब 1:00 बजे 150 से 200 की संख्या में उपद्रवी हाथ में तख्ती, बैनर और डंडे लेकर सड़क पर निकल आए।
जहाँ बहादुरगंज दिघलबैंक मुख्य मार्ग पर मिर्च मसाला रेस्टोरेंट और टीवीएस शोरूम के पास पहुंचते ही भीड़ को उकसाया गया, जिसके बाद उपद्रवी काफी उग्र हो गए और अधिकारियों व पुलिस बल पर ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। माइकिंग के जरिए पुलिस द्वारा बार-बार शांति बनाए रखने की अपील का भी उन पर कोई असर नहीं हुआ।
वहीँ प्रदर्शन कारीयों द्वारा सरकारी वाहनो को क्षतिग्रस्त किया गया एवं उपद्रवियों के इस जानलेवा हमले में डीएसपी मुख्यालय सुशील कुमार, बीडीओ बहादुरगंज अरुण कुमार सरदार सहित कई पुलिसकर्मी (अमन कुमार, राम कुमार, कौशल अखिल, देवगन कुमार, पिंकी कुमारी, प्रभास कुमार मंडल, राजविन्द्र कुमार आदि) घायल हो गए। जहाँ सभी घायलों का इलाज बहादुरगंज स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। उपद्रवियों ने बीडीओ और डीडीसी किशनगंज की सरकारी गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
5 घंटे तक एनएच-327ई बाधित, बैरिकेडिंग तोड़ी:-
उपद्रवियों ने एलआरपी चौक पर भी जमकर तोड़फोड़ और मीडियाकर्मियों तथा आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किया। उपद्रवियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग एन एच 327 ई के बीच लगे बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और लगभग पांच घंटे तक सड़क जाम रखा, जिससे एम्बुलेंस और सैकड़ों अन्य वाहन फंसे रहे। इस पूरी घटना में लगभग तीन लाख रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति के नुकसान का भी आकलन किया गया है।
बिना अनुमति के की गई थी सभा, 22 गिरफ्तार:-
मामले में खुलासा हुआ है कि घटना से एक दिन पहले प्रिंस आजम, मो. एयाज आलम, रियाज राही समेत अन्य लोगों ने प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, जिसे प्रशासन ने खारिज कर दिया था। इसके बावजूद बिना अनुमति सभा की गई और भीड़ को भड़काया गया।
अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद मौके से 22 लोगों खुस्तर अब्बास, मो. नूरजमा, नूरुस जमा, आसीफ अनवर, अभिनंदन कुमार, सबा करीम, तबारक आदि को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 08 मोबाइल जब्त किए गए।
40 से अधिक नामजद और 150 अज्ञात पर केस दर्ज:-
पुलिस ने अंचल अधिकारी की लिखित शिकायत पर बहादुरगंज थाना कांड संख्या 460/26 दर्ज कर गिरफ्तार किए गए 22 आरोपियों के अलावा 40 से अधिक नामजद और 100-150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।वहीँ पुलिस टिम द्वारा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।





















