डेजी और अनवर की उम्र में दस साल का है अंतर, डेजी से अनवर 10 वर्ष है छोटा
पति के विदेश से वापस आने पर प्रेमी से मिलने में होने लगी कठिनाई तो जघन्य तरीके से कर दी हत्या
मृतक के पिता के बयान पर पुलिस मामला दर्ज कर अनुसंधान में जुटी थी
आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने की ग्रामीण कर रहे हैं मांग
पुलिस ने महज 36 घंटे के अंदर हत्याकांड का किया उद्भेदन
किशनगंज/प्रतिनिधि
किशनगंज के विशनपुर थाना क्षेत्र में हुए रिजवान आलम हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस पत्नी ने पति की हत्या के बाद सबसे ज्यादा मातम मनाया और चोरी की कहानी सुनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, वही इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड निकली। उसने अपने प्रेमी अनवर हुसैन के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया।मालूम हो कि आरोपी अनवर डेजी परवीन से उम्र में करीब 10 साल छोटा है।

गौरतलब हो कि बीते 4 जुलाई की रात रिजवान आलम की उनके घर में लोहे के रॉड से वार कर हत्या कर दी गई थी।जिसके बाद मृतक के पिता के बयान पर विशनपुर थाना में मामला दर्ज किया गया था।
विदेश से दो महीने पहले लौटा था मृतक रिजवान
गौरतलब हो कि मृतक रिजवान कुवैत में रहता था और दो महीने पहले ही वो घर लौट था, जिसके बाद डेजी परवीन और अनवर को मिलने में कठिनाई हो रही थी।आरोपी अनवर हुसैन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि डेजी परवीन अपने पति के हत्या का दबाव बना रही थी ।क्योंकि रिजवान के वापस आने के बाद दोनों आलिंगनबद्ध नहीं हो पा रहे थे।

लोहे के रॉड से वार कर उतरा मौत के घाट
जिसके बाद लोहे का रॉड लेकर तय समय पर अनवर घर पहुंचा और सोई अवस्था में ही रिजवान को मौत के घाट उतार दिया ।इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निदेश पर एसडीपीओ ख़ुसरू शिराज के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।गठित टीम के द्वारा मृतक की पत्नी डेजी परवीन के कॉल रिकॉर्ड को खंगाला गया ।कॉल रिकॉर्ड एवं डेजी परवीन द्वारा बार बार बयान बदलने पर पुलिस का शक गहरा गया।

डेजी और अनवर के बीच 9 वर्षों से था अवैध संबंध
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी डेजी परवीन का अनवर हुसैन से करीब नौ साल से प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर रिजवान को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। वारदात की रात पत्नी ने घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया और प्रेमी को अंदर बुलाया। गहरी नींद में सो रहे रिजवान पर लोहे के रॉड से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद कमरे को अस्त-व्यस्त कर ऐसा माहौल बनाया गया, मानो चोरों ने वारदात को अंजाम दिया हो। मृतक का मोबाइल और हत्या में इस्तेमाल रॉड भी ठिकाने लगा दिए गए, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिले।
डेजी और अनवर ने अपराध किया स्वीकार
प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने पत्रकार वार्ता कर बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रॉड और दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए। उन्होंने कहा कि दोनों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है।पुलिस द्वारा मामले में अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।




























